हरिवंश राय बच्चन की कविता भी पढ़ी
मिजोरम के राज्यपाल ने कहा कि सेनाओं के अंदर नेतृत्व कर एक टीम का हिस्सा बनें। भारतीय सेना जैसी सेना दुनिया में किसी देश के पास नहीं। हमारे सैनिकों के मुकाबले दुनिया में किसी भी देश में सैनिकों नहीं। बस ईमानदारी, निष्ठा, लगन, मेहनत और देश प्रेम हो। रक्षा क्षेत्र में संभावनाएं खुली हुई हैं।
इस जज्बे से आप आगे बढ़ सकते हैं। सबसे बड़ी बात है कि हमारी सेना में सबसे बहादुर ग्रामीण अंचल से ही आते हैं। उन्होंने यहां की बालिकाओं के हौंसले को बुलंद करते हुए हरिवंश राय बच्चन की कविता कोशिश करने वालों की हार नहीं होती, लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती।
राज्यपाल ने यहां के राष्ट्रीय सेवा योजना में भाग लेने वाली बालिकाओं को आशीर्वाद भी दिया। यहां के प्रबंधन व महाविद्यालय के पठन-पाठन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रसंशा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. सूबेदार सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। महाविद्यालय के चेयरमैन अमित सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि बतौर काशी विश्वनाथ मंदिर मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा, चेयरमैन अमित सिंह सन्नी, अनुज कुमार सिंह, महाविद्यालय के निदेशक डॉ. स्वतंत्र कुमार सिंह, पब्लिक स्कूल की निदेशिका माधवी लता सिंह, प्राचार्य डॉ. पुष्पा सिंह राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका मिश्रा एवं डॉ. अभय कुमार पांडेय सहित अतुल, कमलेश, हरिकेश, तूलिका, रोली एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयं सेविकाओं व संस्था के छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।