वसंत पंचमी के अवसर पर शनिवार को विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के लिए कहीं फूलों के झूमर और वंदनवार बनाए गए तो कहीं रंगोली सजाई गई।
रंग-बिरंगे गुब्बारों और लतरों से सजे पंडालों में वाग्देवी की नयनाभिराम प्रतिमाओं के दर्शन-पूजन के लिए दिन भर भीड़ रही ही। सड़कों से गलियों तक सरस्वती पूजनोत्सव का उत्साह छाया रहा।
वाग्देवी की पूजा के लिए शिक्षा के मंदिरों से लेकर गली-मोहल्लों तक उत्सव का माहौल था। बच्चों ने चंदा करके मोहल्लों में सरस्वती प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की। डीजे की धुन पर बच्चे दिन भर थिरकते रहे।
हरिश्चंद्र घाट की दलित बस्ती, पीतांबरपुरा, अवधगर्वी, भेलूपुरा, सोनारपुरा, लंका, कमच्छा, मैदागिन, लहुराबीर, कैंट, विशेश्वरगंज समेत शहर भर में सरस्वती प्रतिमाओं की झांकी के दर्शन के लिए भीड़ लगी रही। प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार को होगा।
तिराहों-चौराहों पर लगी होलिकाएं
वाराणसी। वसंत पंचमी से होली के त्योहार की आहट भी मिलने लगी है। शनिवार को शहर के तिराहों-चौराहों पर होलिकाओं की प्रतिष्ठापना कर दी गई। जगह-जगह युवकों ने अरंडी के पौधे के रूप में होलिकाओं को सजा दिया।
वाराणसी। रथयात्रा स्थित अरोड़ा क्लासेज में भी विधि-विधान से मां सरस्वती की आराधना की गई। निदेशक प्रकाश राज अरोड़ा की देखरेख में हुए आयोजन में भजन-कीर्तन के माध्यम से मां का गुणगान किया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने माता सरस्वती से जीवन में सुख, समृद्धि, विकास की कामना की। आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।