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Ghosi Bypolls: घोसी में सर्वाधिक मतदाता दलित और मुस्लिम वर्ग से, भाजपा के तरकश में है कौन-सा तीर?

Tue, 29 Aug 2023 08:24 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

भाजपा इस बात को जानती है कि घोसी में सर्वाधिक मतदाता दलित और मुस्लिम वर्ग से हैं। मुस्लिम मतदाताओं में भी पसमांदा मुस्लिम (अंसारी) समाज के अधिक हैं। राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली सहित अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 
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घोसी विधानसभा उपचुनाव में सपा और भाजपा उम्मीदवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा ने घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। प्रत्येक जाति और समाज के प्रभावशाली नेताओं और मंत्रियों को इसके लिए तैनात किया गया है। घोसी विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान पांच सितंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती आठ सितंबर को की जाएगी। घोसी सीट 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट से विजयी रहे दारा सिंह चौहान के पिछले महीने बीजेपी में शामिल होने और सदस्यता से त्यागपत्र देने के कारण रिक्त हुई है। जब से चुनाव आयोग ने चुनावों की तारीखों को एलान किया है तभी से भाजपा और समाजवादी पार्टी ने अपनी ताकत यहां दिखाना प्रारंभ कर दिया है।

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भाजपा इस बात को जानती है कि घोसी में सर्वाधिक मतदाता दलित और मुस्लिम वर्ग से हैं। मुस्लिम मतदाताओं में भी पसमांदा मुस्लिम (अंसारी) समाज के अधिक हैं। राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली सहित अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दलित वर्ग के जाटव मतदाताओं के लिए पार्टी ने मंत्री बेबीरानी मौर्य, असीम अरुण, विजयलक्ष्मी गौतम, धोबी समाज के लिए एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया, प्रदेश प्रवक्ता जुगल किशोर और अनुसूचित जाति वर्ग के 17 विधायकों को वहां तैनात किया है।

घोसी विधानसभा उपचुनाव में जीत भारतीय जनता पार्टी और समाजपवादी पार्टी दोनों के लिए ही प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है। दोनों ही दलों के अधिकांश नेताओं ने जहां घोसी में डेरा जमा लिया है, वहीं भाजपा घोसी के प्रत्येक समाज को साधने में जुट गई है। हर जाति के प्रभावशाली नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम को वहां तैनात किया गया है। चुनाव प्रचार के अंतिम छह दिन 29 अगस्त से तीन सितंबर तक पूरी ताकत झोंकने की तैयारी है। पार्टी के करीब दो दर्जन से अधिक मंत्री, 60 से अधिक विधायक और पदाधिकारी गली मोहल्ले तक तैनात किए गए हैं।

घोसी उपचुनाव में भाजपा के दारा सिंह चौहान और सपा के सुधाकर सिंह के बीच कांटे का मुकाबला है। भाजपा ने घोसी में एक-एक वोट की कीमत को समझते हुए प्रत्येक समाज ही नहीं, छोटे-छोटे गली मोहल्लों तक में टीम तैनात की है। बूथ कमेटियों और पन्ना प्रमुखों से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। जो मतदाता रोजगार या व्यापार के सिलसिले में बाहर हैं, उन्हें भी मतदान के दिन घोसी लाने की तैयारी है। उनके लिए सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है। 

राजभर समाज के मतदाताओं को साधने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यसभा सदस्य सकलदीप राजभर सहित राजभर समाज के अन्य नेताओं को गली-गली तक प्रचार के लिए लगाया है। निषाद समाज के लिए भी मंत्री रामकेश निषाद, राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद को जिम्मेदारी सौंपी है। यादव समाज के लिए राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश यादव, प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश को तैनात किया है। भूमिहार समाज के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय को नियुक्त किया है।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी वहां लगातार सभाएं कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि दो सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा की तैयारी जोरों पर है। 
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