यूपी में गाजीपुर के एक सरकारी मुलाजिम का कारनामा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आधुनिक चकाचौंध से दूर होने पर उनकी हर कोई तारीफ कर रहा है और कह रहा है कि हर सरकारी अफसर को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
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गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक की बेटी
- फोटो : amar ujala
सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में अपनी बेटी का दाखिला गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने कराया है। वह वहां रोज समय से पढ़ने के लिए आती है और मिड-डे-मील भी खाती है। एसपी की यह पहल सरकारी अफसरों के लिए एक मिसाल मानी जा रही है।
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पेंटिग के बाद सरकारी स्कूल
- फोटो : amar ujala
वर्तमान में बेटे-बेटियों को महंगें प्ले स्कूल और शिक्षण संस्थाओं में भेजना एक चलन और स्टेटस सिम्बल बन गया है। इस सुविधा से बच्चे आधुनिक शिक्षा पा सकेंगे। ऐेसे में सरकारी स्कूलों की तरफ शायद ही कोई अधिकारी ध्यान देता है।
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- फोटो : अमर उजाला
दो साल की बेटी को उन्होंने बीते आठ फरवरी को शहर के विशेश्वरगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर दाखिला कराया है। बेटी अंबावीर को उसकी मां प्रियंका सिंह नियमित इस केंद्र पर लेकर आती है। इन्हीं स्कूल के गरीब बच्चों के साथ कतार में बैठकर अंबावीर ककहरा सीखती है। उनके साथ घुल मिलकर खेलती है। हाथ में थाली लेकर मिड-डे-मील का भोजन लेती है।
एसपी की बेटी प्रवेश लेते समय केंद्र की संचालिका अंजू कुशवाहा काफी आश्चर्यचकित थीं। अभी तक इतने बड़े अधिकारियों ने इस प्रकार के स्कूलों तथा केंद्रों से परहेज ही किया है। उनका कहना है कि अंबावीर काफी समझदार है तथा अनुशासन को पसंद करती है। एसपी की पत्नी प्रियंका सिंह ने बताया कि अंबावीर को यहां आना बहुत अच्छा लगता है। रोज समय पर तैयार करने की जिद करती है।