शहीदों के लिस्ट में जिले के एक और जांबाज का नाम शामिल हो गया। बीतें एक मार्च को हुई राजौरी पुंछ कश्मीर में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में जिले का एक और लाल भारत माता को गोद में सो गया। मौत की खबर आते ही शहीद के परिजनों के साथ ही जिलेवासी फक्र के आंसू रोए। शहीद के घर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। लोग अंतिम दर्शन के लिए शहीद के दरवाजा पर डटे रहे और देर रात तक शव आने का इंतजार करते रहे।
मालूम हो कि बिरनो थाना क्षेत्र के हसनपुरा (फत्तेपुर) गांव निवासी स्व. मुखराम सिंह यादव के पुत्र श्यामनारायण सिंह यादव (51) की 1991 में सीआरपीएफ में भर्ती हुई थी। वर्तमान में वह जम्मू कश्मीर अखनूर सेक्टर में तैनात थे। बीते एक मार्च को कश्मीर के पूंछ के राजौरी में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में जहां चार जवान शहीद हो गए थे, वहीं गोली लगने से श्यामनारायण घायल हो गए थे। उनका उपचार जम्मू में सेना के अस्पताल में चल रहा था।
शनिवार की देर रात उनकी मौत हो गई। देर रात करीब 12 बजे मौत की सूचना मिलते ही मां सिताबी देवी, पत्नी उर्मिला देवी पुत्र अरविंद फक्र के आंसू बहाने लगे। जानकारी होते ही पास-पड़ोस के लोग भी वहां पहुंच गए और शोक संवेदना व्यक्त करने में जुट गए। सुबह का सूरज निकलते ही शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। शहीद के दरवाजे पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए और अपने वीर सपूत का अंतिम दर्शन के लिए शव आने का इंतजार करने लगे। सभी की नजरें उस मार्ग पर टिकी रही, जिधर शव को लेकर वाहन को आना था। हर कोई श्यामनारायण की शहादत को सलाम करते हुए शहीद के परिवार को दिलासा दिलाने में जुटा रहा।
इस दौरान बीच-बीच में लोग जब तक सूरज-चांद रहेगा, श्यामनारायण तेरा नाम रहेगा का नारा लगाते रहे। इस दौरान वीर जवान के शहादत को याद कर लोगों की आंखे सजल हो जा रही थी। शहीद के परिजन देर रात शव आने पर फूट-फूट कर रो पड़े।