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काश! आग समय से बुझ गई होती, तो गरीबों के सपने नहीं होते राख

Tue, 24 Nov 2020 05:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
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आढ़त में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर जिले के सैदपुर तहसील मुख्यालय पर अग्निशमन केंद्र न होने का मलाल लोगों में है। यह उस समय और मुखर हो उठता है, जब कोई आग की भीषण घटना होती है और लोग फायर ब्रिगेड के अभाव में मन मसोसकर रह जाते हैं। ऐसे में भीषण घटनाओं से बचने के लिए नगरवासी लंबे समय से इसकी मांग करते आ रहे हैं। लेकिन शासन और प्रशासन की उपेक्षा के चलते यहां के लोग तबाही का दंश झेलने को मजबूर हैं।

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सोमवार को देर रात भी लोगों को अंदर तक झकझोर देने वाली घटना नई सड़क स्थित सब्जी मंडी में हुई। आग के बेकाबू होते ही तबाही का मंजर शुरू हो गया। आग ने एक के बाद एक सब्जी के आढ़त को जलाकर राख कर दिया। अग्निकांड ने लाखों का नुकसान पहुंचाया है। दूसरे दिन भी सब्जी मंडी में आग से हुई बर्बादी के बाद लोग कसकते और सुबकते नजर आए।


लोगों के अनुसार, रात किसी दुकान में अगरबत्ती और मोमबत्ती जलते छोड़ दुकानदार घर चला गया। देर रात मोमबत्ती गिरने से अचानक आग लग गई। भीषण अग्निकांड में सब्जियों की 12 आढ़त जलकर राख हो गई। इसमें लाखों की सब्जियां आग की भेंट चढ़ गई। यह पहली घटना नहीं है बीते एक मई 2020 को मुख्य बाजार स्थित विश्वनाथ प्रसाद, विजय कुमार फर्म कीचार मंजिला कपड़े की थोक दुकान में भी आग लगने से फर्म के मालिक रजनीश झुनझुनवाला(32) की मौत हो गई थी।

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जबकि उनकी पत्नी व बच्चों को बचा लिया गया था। तब आग में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया था। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं हुआ और स्थिति जस की तस बनी रही।

सब्जी मंडी के अंदर आखिरी छोर पर आढ़त की दर्जनों दुकानें लगती हैं। यहां प्रतिदिन लाखों की सब्जी बिकती है। इससे इनके पूरे परिवार का भरण-पोषण होता है। लेकिन अब परिवारों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। लोग मंडी में पहुंचकर सुबह से ही रो-बिलख रहे हैं। सभी अपनी दुकानों को दुरूस्त करने में जुटे हुए थे।

आड़तियों का कहना है कि आग ने सबको बर्बाद कर दिया है। आग लगने के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस कुछ कर पाने में असमर्थ रही। घटना के बाद नगर पंचायत का टैंकर जरूर पहुंचा, उससे देर रात पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन आग की लपटें देर रात तक उठती रहीं।

अग्निकांड में आढ़तिया लालबाबू सोनकर, मिठाई सोनकर, मुन्ना सोनकर, संजय, , काटू सोनकर, विनोद सोनकर, जयराम सोनकर, बबलू सोनकर, पंचम सोनकर, छब्बन सोनकर, सोआ सोनकर, अभिमन्यु सोनकर आदि समेत अन्य कई आढतियों की लगभग 25 लाख रुपये से अधिक कीमत के आलू, प्याज, लहसुन टमाटर सूरन इमली नींबू समेत अन्य सब्जियां जलकर राख हो गईं। इन आढ़तियों के सामने जीवन यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
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