जबकि उनकी पत्नी व बच्चों को बचा लिया गया था। तब आग में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कपड़ा जलकर राख हो गया था। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन गंभीर नहीं हुआ और स्थिति जस की तस बनी रही।
सब्जी मंडी के अंदर आखिरी छोर पर आढ़त की दर्जनों दुकानें लगती हैं। यहां प्रतिदिन लाखों की सब्जी बिकती है। इससे इनके पूरे परिवार का भरण-पोषण होता है। लेकिन अब परिवारों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। लोग मंडी में पहुंचकर सुबह से ही रो-बिलख रहे हैं। सभी अपनी दुकानों को दुरूस्त करने में जुटे हुए थे।
आड़तियों का कहना है कि आग ने सबको बर्बाद कर दिया है। आग लगने के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस कुछ कर पाने में असमर्थ रही। घटना के बाद नगर पंचायत का टैंकर जरूर पहुंचा, उससे देर रात पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन आग की लपटें देर रात तक उठती रहीं।
अग्निकांड में आढ़तिया लालबाबू सोनकर, मिठाई सोनकर, मुन्ना सोनकर, संजय, , काटू सोनकर, विनोद सोनकर, जयराम सोनकर, बबलू सोनकर, पंचम सोनकर, छब्बन सोनकर, सोआ सोनकर, अभिमन्यु सोनकर आदि समेत अन्य कई आढतियों की लगभग 25 लाख रुपये से अधिक कीमत के आलू, प्याज, लहसुन टमाटर सूरन इमली नींबू समेत अन्य सब्जियां जलकर राख हो गईं। इन आढ़तियों के सामने जीवन यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।