गाजीपुर जिले के रेवतीपुर ब्लाक के अधियारा से बड़ौरा गांव तक जाने वाली माइनर कई वर्ष से जर्जर है। सुगवलिया गांव के किसानों के लिए तो माइनर अभिशाप बन गई है। जब भी पानी छोड़ा जाता है, माइनर के टूटे हिस्से से सुगलिया गांव के किसानों के खेत जलमग्न हो जाते हैं।
नतीजा, किसान परिश्रम कर जिस फसल को तैयार करते हैं, पकने से पहले ही बर्बाद हो जाती है। खास बात यह है कि किसानों को अपनी फसलों के नुकसान के लिए मुआवजा नहीं मिल पाता है।
किसानों द्वारा बार-बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी क्षतिग्रस्त माइनर की मरम्मत कराए बगैर पानी छोड़ा जा रहा है। 20 फरवरी को अंधियारा-बड़ौरा माइनर में पानी छोड़े जाने के कारण सुगवलिया गांव के पास टूटी माइनर से खेतों में पानी फैल गया था।
इससे सुगवलिया के किसान नागेंद्र यादव की पांच मंडा, वीरेंद्र यादव-चंद्रशेखर यादव की तीन बीघा, रामविलास की तीन बीघा, प्यारे राम की चार मंडा, नंदलाल कुशवाहा की 1.5 बीघा, क्षेत्र पंचायत सदस्य भूकेन राम की चार मंडा, झूलल्न राम पूर्व प्रधान की चार मंडा, शेषनाथ यादव की चार मंडा, लल्लन राजभर की पांच मंडा, हरिनाथ, रामबचन, गोरखनाथ की चार-चार मंडा, सीताराम राजभर की दो बीघा रेलवे के पूरब तरफ, मनन्न यादव, जितेन्द्र यादव, लोकनाथ यादव, स्व परमानंद यादव, रविंद्र यादव की पांच बीघा जमीन पानी की चपेट में आ गई है।
इन सभी के खेतों में गेहूं, मटर, मसूर, बरसीम, गन्ना, प्याज अरहर, सरसों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पीड़ित किसानों ने डीएम सहित विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की है।
इसके पूर्व भी कई बार माइनर टूटने से खेत तबाह हुए हैं। किसान परेशान हैं , पूरे साल की उनकी मेहनत और कमाई अधिकारियों की लापरवाही के कारण तबाह होती रही है।