वाराणसी। अस्सी घाट पर सफाई का श्रेय लेने के लिए मची तकरार दिल्ली दरबार तक जा सकती है। 19 दिन तक सिल्ट हटवाने के बाद अलग-थलग पड़े सनबीम समूह के चेयरमैन दीपक मधोक ने इसे स्थानीय भाजपा नेताओं के इशारे पर किया गया षड्यंत्र बताया है। अब दिल्ली जाकर वह पीएम के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे। यही नहीं घाट पर श्रमदान करने वाले सनबीम स्कूल के
विद्यार्थी और शिक्षक भी पीएम को पाती भेजने वाले हैं। ये जानकारी शुक्रवार को मधोक ने अमर उजाला को दीं। वहीं दूसरी ओर सुलभ इंटरनेशनल के राष्ट्रीय सलाहकार बीएन चतुर्वेदी ने कहा कि डीएम ने पूरे अस्सी घाट की सफाई का आवंटन उन्हें किया है। मेहनत करके पखवारे भर में घाट साफ करवा लिया जाएगा, ताकि सीढि़यों से लोग नाव की सवारी कर सकें।
वर्षों बाद पीएम की पहल पर अस्सी घाट की सीढि़यां दिखने के बाद अब वहां सफाई का श्रेय लेने के लिए जंग छिड़ गई है। घाट का निरीक्षण करने के लिए पीएम के पहुंचने पर सनबीम समूह के चेयरमैन मधोक को वहां जाने से रोके जाने के बाद इस मामले पर तकरार शुरू हो गई है। मधोक ने बताया
कि आठ नवंबर को पीएम के सामने मैंने ही अस्सी घाट को महीने भर में चमका लेने की बात कही थी। सफाई कराई गई लेकिन इसका परिणाम-मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं.. के रूप में सामने आया। कहा कि पीएम के आने के छह दिन पहले ही मेरा बैनर वहां से हटवा दिया गया। यही नहीं पीएम के
आने की सूचना तक नहीं दी गई। इसकी शिकायत मैं दिल्ली जाकर पीएम से करूंगा। उधर, सुलभ के राष्ट्रीय सलाहकार कहते हैं कि सफाई किसने कराई है यह बात पीएम को पहले ही पता चल चुकी है। कहा कि जब तक घाट पर पूरी तरह साफ सफाई नहीं हो जाती तब तक सुलभ के लोग पसीना बहाते रहेंगे। कहा कि अस्सी घाट की सफाई का आवंटन डीएम ने सुलभ के नाम से किया है।
कोट-
अस्सी घाट की सफाई सनबीम और सुलभ दोनों ने की है। दोनों संस्थाएं सफाई का श्रेय एक दूसरे को नहीं देना चाहते हैं इसलिए दोनों के बीच आपसी मतभेद है। अस्सी घाट की सफाई में वाराणसी की जनता के साथ इन दोनों संस्थाओं ने मिलकर काम किया है। -आरएम श्रीवास्तव, मंडलायुक्त