प्लास्टिक प्रदूषण की वैश्विक समस्या से निजात दिलाने के लिए नेशनल जियोग्राफिक की महिला नेतृत्व वाली टीम सी टू सोर्स गैजेंस मानसून के बाद खोजयात्रा के निकली है। शनिवार को खोजयात्रा टीम ने वाराणसी में गंगा नदी से प्लास्टिक के नमूने लिए।
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जियोग्राफिक से जुड़ी जेना जेमबैक और हेथर कोल्डवे के अलावा डब्ल्यूआईआई की डा. रुचि बडोला, डा. एसए हुसैन रहे। 2575 किमी की गंगायात्रा के दौरान जगह-जगह पर प्लास्टिक प्रदूषण का स्तर पता करेगी और लोगों को जागरूक करेगी। प्लास्टिक से गंगा और सागर कैसे जुड़ती है इस पर अध्ययन कर जागरूकता फैलाएंगे और समाधान ढूंढेंगे।
भारतीय वन्य जीव संस्थान(डब्ल्यूआईआई) और नेशनल ज्योग्राफिक सोसायटी की ओर से बांगलादेश से गंगोत्री तक 11 जगहों से गंगाजल के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इनमें गंगाजल के अलावा सिल्ट के नमूने भी लिए गए हैं।
बांग्लादेश में तीन स्थानों के बाद यह टीम भारत में सात स्थानों से नमूने ले रही है। बनारस से पहले झारखंड में साहिबगंज, पटना में गंगाजल के नमूने ले चुकी है। इसके बाद कन्नौज, बुलंदशहर, ऋषिकेश और गंगोत्री के पास हर्षिल में नमूने लिए जाएंगे।