पति के लिए भारत रत्न दिलाने को करेंगी प्रार्थना
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मशहूर गजल गायिका चित्रा सिंह की आवाज 27 साल बाद एक बार फिर गूंजने वाली है। वह काशी में होने वाले विख्यात संकट मोचन संगीत समारोह के मंच से सुरों की दुनिया में वापसी करेंगी।
इस बार वह संकट मोचन के दरबार में अपने पति गजलों के शहंशाह रहे जगजीत सिंह के लिए भारत रत्न सम्मान दिलाने को प्रार्थना भी करेंगी। उनके सुरों की कशिश, गायिकी के खास अंदाज को सुनने के लिए संगीत प्रेमियों को बेसब्री से इंतजार है। 1990 में एक हादसे में बेटे की मौत के बाद चित्रा ने गाना छोड़ दिया था।
छह दिवसीय संकट मोचन संगीत समारोह 15 अप्रैल से आरंभ होगा। इस संगीत समारोह की पहली शाम ही चित्रा सिंह के सुरों से सजेगी। गजल गायिकी की दुनिया में चित्रा सिंह वो नाम है, जिनकी आवाज ने हर पीढ़ी के दिल में जगह बनाई है।
माइक पर चित्रा-जगजीत का साथ आना संगीत की दुनिया के सबसे बेहतरीन लम्हों में से एक रहा है।
संकट मोचन मंदिर के महंत और संगीत समारोह के संयोजक प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र का कहना है अपने बेटे के निधन के बाद लंबे समय से उन्होंने खुद को सुरों की तान से खुद को अलग कर लिया था। उनकी वापसी एक बड़ी बात होगी।
चित्रा सिंह अपने पति जगजीत को भारत रत्न दिलाने के लिए प्रार्थना करेंगी। चित्रा लंबे समय से सिंह के लिए भारत सरकार से इस सम्मान की मांग कर रही हैं।