वाराणसी। बेटे की सरकारी नौकरी के लिए जिलाधिकारी से मिलवाने का झांसा देकर एक वृद्धा के गहने उतरवा कर कचहरी परिसर से एक युवक चंपत हो गया। घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कराने के लिए वृद्धा कैंट और कोतवाली थाने का चक्कर काट रही है। पुलिस फिलहाल मुकदमा नहीं दर्ज की है। तहरीर के आधार पर सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल कर पुलिस जांच कर रही है।
विशेश्वरगंज क्षेत्र की गायत्री शुक्ला (60) का एक बेटा सौरभ नगर निगम में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरा बेटा रमेश प्राइवेट नौकरी करता है। गायत्री के अनुसार तीन दिन पहले एक युवक बाइक से उनके घर आया। बताया कि आपके दूसरे बेटे रमेश की सरकारी नौकरी लग गई है। जिलाधिकारी के यहां चलकर अब कुछ रुपये खर्च करने होंगे। सोमवार को युवक फिर उनके घर आया और कहा कि चलिए जिलाधिकारी के यहां चलना है। गायत्री ने युवक को बताया कि उनके पास लगभग डेढ़ हजार रुपये ही हैं। इस पर युवक ने कहा कि उतने पैसे में ही काम हो जाएगा। वह बाइक पर बैठाकर गायत्री को गोलगड्डा ले गया। वहां बताया कि जिलाधिकारी के सामने गरीब दिखना जरूरी है, तभी नौकरी फाइनल होगी। इसके बाद गायत्री के गहने उतरवाकर बैग में रखकर बाइक की डिक्की में रख लिया। कचहरी पहुंचने पर बैग गायत्री को दिया और मेटल डिटेक्टर के पास पहुंचते ही उन्हें रोका। कहा कि मेटल डिटेक्टर में गहने पकड़ में आ जाएंगे, इसलिए बैग उसे दे दें। जिलाधिकारी से मिलने के बाद वह बैग वापस कर देगा। इसके बाद उसने गायत्री से कहा कि जिलाधिकारी से मुलाकात के लिए समय पूछकर आ रहा है और फिर भाग निकला। काफी देरी तक युवक नहीं आया तो गायत्री को शंका हुई और वह किसी तरह से कचहरी चौकी पहुंची। पुलिस की जांच में सामने आया कि युवक जिस बाइक से आया था उसका रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी है।