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गुब्बारों में गैस भरने के दौरान टंकी में हुआ जबरदस्त विस्फोट, आठ घायल, दो की हालत नाजुक

Mon, 24 Dec 2018 10:39 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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घायल बच्ची - फोटो : amar ujala
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वाराणसी के जैतपुरा थाना अंतर्गत नक्खी घाट पुल के पास सिराजुद्दीन के मकान में रविवार को गुब्बारे में गैस भरते समय टंकी तेज धमाके के साथ फट गई। इससे चार बहनें और तीन किरायेदार सहित आठ लोग घायल हो गए। आननफानन सभी को मंडलीय और दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया।
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दो की हालत नाजुक देख उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। उधर, धमाके से मोहल्ले में घंटों अफरातफरी रही। मौके पर पुलिस-प्रशासन के अफसरों के साथ ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।

पेशे से टेलर सिराजुद्दीन और लैलुन्निशा के मकान में किराये पर रह कर लखनऊ निवासी लल्लू पांडेय (50) गैस के गुब्बारे बेचने का काम करता है। वहीं, बिहार के जमुई निवासी अमरजीत उर्फ बबलू (40) और मंगला सिंह (42) वरुणा कॉरिडोर में काम करते हैं।
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पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे लल्लू गुब्बारों में टंकी से गैस भर रहा था, इसी दौरान तेज धमाका हुआ। टंकी के परखच्चे उड़ गए और आसपास के मकानों में रहने वाले लोग भयभीत होकर बाहर निकले।

दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
सिराजुद्दीन ने बताया कि टंकी फटने से घर के आंगन में खाना बना रहीं उसकी बेटियां गुड़िया (30), सना (13), सन्नो (18) और फिजा (11) घायल हो गईं। साथ ही अमरजीत के दोनों पैर व बायां हाथ उड़ गया। लल्लू को भी गंभीर चोटें आईं। किरायेदार मंगला और उसके कमरे में मौजूद शिवचरण भी घायल हो गया। लल्लू और अमरजीत की हालत नाजुक बताई गई है।

सूचना पाकर जैतपुरा, सारनाथ, सिगरा, चेतगंज और आदमपुर थाने की फोर्स के साथ एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों के बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों से बात की। दीनदयाल अस्पताल से घायलों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाने में देरी पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नाराजगी जताई। उधर, इंस्पेक्टर जैतपुरा ने लल्लू और अमरजीत के परिजनों को घटना के संबंध में कॉल कर जानकारी दी है।

एक फीट गहरा गड्ढा, दो सौ मीटर तक फैले थे टुकड़े

सिराजुद्दीन के मकान में जिस जगह पर गैस की टंकी फटी है वहां जमीन में करीब एक फीट गहरा गड्ढा हो गया है और समीप खड़ी साइकिल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, एक मंजिला मकान का टीन शेड छत पूरी तरह से उड़ गया। गैस की टंकी और टीन शेड के टुकड़े करीब दो सौ मीटर के दायरे में बिखरे थे। जांच करने आए क्राइम ब्रांच की फोरेंसिक टीम के फील्ड यूनिट और बम निरोधक दस्ते ने टंकी के अवशेष को कब्जे में लिया है। जांच के लिए अवशेष विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। प्रथम दृष्टया बताया गया कि टंकी काफी पुरानी और पतली हो गई थी, इसी वजह से फट गई।
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पहले भी गुब्बारे की टंकी से हुए हादसे, नहीं होती जांच

गुब्बारे की टंकी फटने से जिले में पहले भी हादसे हुए हैं। मगर, इन टंकियों की जांच कौन करे इसे लेकर खासा असमंजस है। जिला आपूर्ति विभाग और दमकल विभाग चेकिंग के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं ठहराते हैं तो पुलिस का कहना रहता है कि जांच करने पर गरीब आदमी शोषण करने का आरोप लगाएगा।

जिले में इससे पहले अक्तूबर महीने में रामनगर की रामलीला के दौरान गुब्बारे में गैस भरने वाली छोटी टंकी में धमाका हुआ था और बजरडीहा निवासी बाबू घायल हुआ था। छठ पूजा के दौरान भैंसासुर घाट के समीप गुब्बारे में गैस भरने वाली टंकी में आग लग गई थी। इस तरह के हादसे शहर में दर्जनों बार हो चुके हैं लेकिन पुलिस और प्रशासनिक महकमे की अनदेखी की वजह से खतरों का खेल धड़ल्ले से जारी है। 
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