उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में घाघरा नदी की बाढ़ से तीन गांवों को बचाने के लिए बनाया गया गांगेपुर रिंगबांध तीन दिनों से कट रहा था। विभाग इसे बचाने से अपने हाथ खड़े कर चुके थे।
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मनरेगा मजदूर और ग्रामीण इसे बचाने में जुटे थे। सोमवार को बीडिओ हरैया को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन बंधे को कटने से बचाया नहीं जा सका।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांगेपुर रिंग बांध को बचाने के लिए एक सप्ताह से कवायद चल रही थी। पहले तो विभाग इस बंधे को अपना ही नहीं मान रहे थे। जिला प्रशासन के दबाव के बाद ब्लॉक से मनरेगा के तहत बचाव का कार्य किया जा रहा था।
ग्राम प्रधान रामनिवास यादव की ओर से रिंग बांध बचाने के लिए पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। रिंग बांध कटने के बाद महुला-गढ़वाल मुख्य बांध पर बाढ़ संकट मंडराने लगा है।