शवदाह करने वालों की बढ़ीं परेशानियां
24 घंटे में 66 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण शनिवार की शाम को घाटों का आपसी संपर्क टूट गया। जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा में नौका संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। लगातार पांचवें दिन गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव का सिलसिला जारी होने से तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग की बाढ़ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर 65.80 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव का सिलसिला बना है। प्रयागराज, फाफामऊ और मिर्जापुर में भी तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। यही कारण है कि बनारस में गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है। नमो घाटा का फर्श पूरी तरह से डूब गया है। शीतला घाट और दशाश्वमेध घाट का आपसी संपर्क भी खत्म हो गया है। उधर, राजघाट, प्रह्लाद घाट, रानी घाट, गोला घाट, गाय घाट, पंचगंगा घाट और ब्रह्मा घाट समेत आस पास के घाटों का आपसी संपर्क मार्ग टूट गया है। मणिकर्णिका घाट के रैंप पर पानी चढ़ने के कारण शवदाह के लिए आने वाले लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों ने बयाया कि इससे पहले गंगा के पानी में इतनी तेजी से कभी उतार चढ़ाव नहीं देखा था। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 66 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रतिबंध के बाद भी गंगा में चल रहीं नावें
जिला प्रशासन द्वारा गंगा नौका संचालन पर प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से मोटर बोट और छोटी नावों का संचालन जारी है। शनिवार को पुलिस ने अगले आदेश तक नौका संचालन बंद करने का निर्देश जारी किया था। बावजूद इसके दोपहर बाद कई नाविकों ने इस निर्देश को ताक पर रखकर नौका संचालन जारी रखा। शनिवार को दोपहर में दशाश्वमेध स्थित जल पुलिस थाने में एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय ने नाविकों में बैठाकर सर्वसम्मति से नौका संचालन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगाने की बात कही और नाविकों को नियम का पालन करने की ताकीद की। बावजूद इसके शाम 3:00 बजे भी राजघाट से दशाश्वमेध के बीच नाविक पर्यटकों को घुमा रहे थे।