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अब जापानी तकनीक से साफ करेंगे गंगाजल, दिया प्रेजेंटेशन

Sun, 07 May 2017 02:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गंगाजल
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गंगा के प्रदूषित जल को अब जापानी तकनीक से स्वच्छ किया जाएगा। इसके लिए बीएचयू स्थित दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र और इंडियन एसोसिएशन ऑफ जापान साथ मिलकर काम करेगा। शनिवार को केएन उडप्पा सभागार में जापान से आई पांच सदस्यीय टीम ने कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की मौजूदगी में इसका प्रेजेंटेशन भी किया।
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बीएचयू के कौशल विकास केंद्र के मानद निदेशक प्रो. आरपी शुक्ल ने बताया कि जल्द ही विश्वविद्यालय और एसोसिएशन के बीच समझौता भी होगा। इसके बाद बीएचयू की ओर से प्रोजेक्ट तैयार कर जापान के सहयोग से गंगाजल को प्रदूषण से मुक्त कराया जाएगा। मुख्य अतिथि कमिश्नर ने इसकी सराहना करते हुए इस तकनीक का प्रयोग पहले असि और वरुणा का जल स्वच्छ करने के लिए कहा। प्रो. बीडी त्रिपाठी ने कहा कि यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल होगी। जापान के ओटो विवि के प्रो. संजय मेहरोत्रा, ताकेओटी, ओटोगवा, हिशीनुमा, नाओफुमी और हाशिमोटो एजी ने माइक्रोबबल तकनीक से नदी और तालाब के जलशोधन का तरीका बताया।


बताया कि इसी तकनीक की मदद से क्योटो शहर की नदी को साफ  किया गया है। इसका प्रयोग अमेरिका, चीन एवं कोरिया में भी हो रहा है। इसके प्रयोग से समुद्र के पानी को भी पीने योग्य बनाया जा सकता है। उन्होंने गंगा नदी के लिए इस प्रौद्योगिकी के अलावा एक जैविक मिश्रण (लू-ऑल) के प्रयोग की भी सलाह दी जो केवल अजैविक पदार्थों को समाप्त करता है। संचालन डॉ. लक्ष्मण गुप्ता ने किया और आभार प्रो. एचबी श्रीवास्तव ने जताया।
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