वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव दर्ज किया गया है। बुधवार सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर 63.54 मीटर दर्ज किया गया। गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और बोटिंग करने वालों पर पुलिस द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है।
हरिश्चंद्र घाट के श्मशान स्थल से कुछ ही दूरी पर गंगा की लहरें हैं। बढ़ाव की रफ्तार को देखते हुए बुधवार तक श्मशान स्थल बदल सकता है। ठीक यह हालत मणिकर्णिका घाट की भी है। उधर, नाविकों ने अभी गंगा में नौका संचालन बंद नहीं किया है। ओवरलोडिंग नावों का संचालन बदस्तूर जारी है। अभी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 8 मीटर नीचे है।
घाट के किनारों पर जमा जलकुंभी
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जलस्तर में तेज बढ़ाव के साथ गंगा का पलट प्रवाह भी तेज होने की आशंका गहरा गई है। इसके चलते वरुणा के तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा घाटों का आपसी संपर्क टूट चुका है। उन्हें जोड़ने वाले सभी रास्तों पर पानी भर गया है।
गंगा में तेज बढ़ाव को देखते हुए वरुणा के तटवर्ती इलाकों दनियालपुर, पिसौर, बेदौली, कोटवा, छितौनी, मथुरापुर मजीदिया घाट, कोरौत, कोईराजपुर, चमांव, अहिरान, इमिलिया घाट इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन मोहल्लों के लोग पलायन की तैयारी करने लगे हैं। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों से जुड़े पुलिस थानों को निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। बाढ़ चौकियां सतर्क कर दी गई हैं।