बघवानाला और नक्खी घाट में निचले इलाकों में रहने वालों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। बढ़ते जलस्तर के कारण नाविकों ने भी नौकाओं को किनारे पर बांध दिया है और 24 घंटे निगरानी की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर रविवार को सुबह आठ बजे 65.29 मीटर था। रात आठ बजे 65.41 मीटर तक पहुंच चुका था।
गंगा में बाढ़ के चलते एसटीपी के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर जल निगम ने सभी एसटीपी पर सतर्कता बरतने को कहा है। बाढ़ के समय नालों के जरिये सीवर पास नहीं हो पाता है और शोधन कार्य प्रभावित होता है। ऐसे में एसटीपी का संचालन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है।
जल निगम के मुख्य अभियंता विशेश्वर प्रसाद ने बताया कि अभी सभी एसटीपी काम कर रही है। बाढ़ आने पर रमना प्लांट पर पहले असर पड़ता है। इसके अलावा अन्य प्लांट की भी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न आने पाए।