PM Modi गंगा विलास को दिखाएंगे हरी झंडी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज मेरी काशी से गंगा विलास क्रूज दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा पर निकला है, जो डिब्रूगढ़ तक जाएगा। गंगा प्राचीन काल से भारत की तप-तपस्या की साक्षी हैं। आजादी के बाद गंगा किनारे की पूरी पट्टी विकास में पिछड़ती चली गई। इसकी तस्वीर बदलने के लिए नमामि गंगे के माध्यम से गंगा की निर्मलता के लिए काम किया। अर्थगंगा का अभियान चलाया। गंगा विलास क्रूज अर्थ गंगा अभियान को नई ताकत देगा। आने वाले वर्षों में भारत वॉटरवेज, रेलवेज और हाईवेज का मल्टी-मॉडल आधुनिक नेटवर्क बनेगा।
संत रविदास घाट पर गंगा विलास क्रूज और टेंट सिटी के वर्चुअल उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों के बीच लंबे रिवर क्रूज यात्रा के अलावा छोटे क्रूज को भी बढ़ावा देंगे। इसके लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ये व्यवस्था काशी में चल रही है।
दुनिया भारत को जानने के लिए उत्सुक
यह सुविधा हर पर्यटक की पहुंच में हो, इसके लिए बजट से लेकर लक्जरी क्रूज तक की सुविधाएं देश में विकसित की जा रही हैं। दुनिया भारत को जानने के लिए उत्सुक है। काशी से शुरू हुई क्रूज यात्रा विश्व पर्यटन मानचित्र पर उत्तर भारत के पर्यटन स्थलों को सामने लाएगा। आप सभी एक प्राचीन शहर से आधुनिक क्रूज से सफर करने जा रहे हैं। भारत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम इस यात्रा में देखने को मिलेगा। क्रूज टूरिज्म का नया दौर इस क्षेत्र में हमारे युवा साथियों को रोजगार-स्वरोजगार के नए अवसर भी देगा।त्रा के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।
गंगा विलास क्रूज
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प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशी पर्यटकों के लिए तो आकर्षण होगा ही, देशी पर्यटक भी लाभ उठा सकेंगे। जो देशी पर्यटक ऐसे अनुभवों के लिए पहले विदेश जाते थे, वे अब पूर्वी भारत का रुख कर पाएंगे। क्रूज टूरिज्म के लिए ऐसी ही व्यवस्था देश भर के नदी जलमार्गों पर की जा रही है। शहरों के बीच लंबे रिवर क्रूज के अलावा अलग-अलग शहरों में छोटे क्रूज को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत में हजारों किलोमीटर लंबा वॉटरवेज नेटवर्क तैयार करने की क्षमता
प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश और अन्य देशों के साथ समझौते किए गए हैं। इससे नार्थ ईस्ट की वॉटर कनेक्टिविटी भी सशक्त हो रही है। जलमार्ग पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अच्छे हैं। पैसों की बचत भी करते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, सड़क के मुकाबले जलमार्ग से परिवहन की लागत ढाई गुना कम आती है। रेल के मुकाबले जलमार्ग से परिवहन की लागत एक तिहाई कम होती है। भारत ने जो नई लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाई है, उसमें भी तेजी से बन रहे ये वॉटरवेज बहुत मदद करने वाले हैं।
भारत में हजारों किलोमीटर लंबा वॉटरवे नेटवर्क तैयार होने की क्षमता है। भारत में जो सवा सौ से ज्यादा नदियां और नदी धाराएं हैं, वो लोगों और सामान के ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल की जा सकती हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए सशक्त कनेक्टिविटी आवश्यक है, इसलिए निरंतर अभियान चलता रहेगा।
एक हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वाराणसी, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार, असम में समर्पित की जा रही एक हजार करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं पूर्वी भारत में पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देंगी। इससे पहले पीएम ने बिहार के पटना जिले के दीघा, नकटा दियारा, बाढ़, पानापुर और समस्तीपुर जिले के हसनपुर में पांच सामुदायिक घाटों की आधारशिला भी रखी।
टेंट सिटी में देखने को मिलेगा बनारस का हर रस, हर रंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्निर्माण होने के बाद जिस प्रकार श्रद्धालुओं और पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है वो भी अभूतपूर्व है। अब गंगा पार के क्षेत्र में ये नई टेंट सिटी, काशी आने वाले श्रद्धालुओं को, पर्यटकों को एक नया अनुभव देगी। इस टेंट सिटी में आधुनिकता भी है, अध्यात्म भी और आस्था भी है।
राग से लेकर स्वाद तक बनारस का हर रस, हर रंग इस टेंट सिटी में देखने को मिलेगा। गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाते हुए पीएम ने कहा कि आज गंगा विलास क्रूज की शुरुआत होना भी एक साधारण घटना नहीं है। 3200 किलोमीटर से ज्यादा लंबा ये सफर, भारत में इनलैंड वॉटर-वे के विकास, नदी जलमार्गों के लिए बन रहे आधुनिक संसाधनों का एक जीता-जागता उदाहरण है।
यह दशक भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प का
वाराणसी में गंगा पार टेंट सिटी
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प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में जो भी नीतियां बनीं, जो निर्णय हुए, जो दिशा तय हुई आज का यह आयोजन उसका प्रतिबिंब है। 21वीं सदी भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के कायाकल्प का दशक है। भारत के लोग आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की वो तस्वीर देखने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना तक किसी जमाने में मुश्किल थी। ये आज भारत के तेज विकास का, विकसित भारत के निर्माण का सबसे मजबूत स्तंभ है। इसमें भी नदी जलमार्ग, भारत का नया सामर्थ्य बन रहे हैं।
मछुआरों और किसानों को मिलेगी सुविधा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के हल्दिया में आधुनिक मल्टी-मॉडल टर्मिनल वाराणसी को जोड़ता है। ये भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग से भी कनेक्टेड है। नॉर्थ ईस्ट को भी जोड़ता है। कोलकाता पोर्ट और बांग्लादेश को भी कनेक्ट करता है। यानी यूपी-बिहार-झारखंड-पश्चिम बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक व्यापार-कारोबार को सुगम बनाने वाला है। इसी प्रकार जेटी और रो-रो फेरी टर्मिनलों का भी नेटवर्क बनाया जा रहा है। इससे आना-जाना और आसान होगा। मछुआरों और किसानों को और सुविधाएं मिलेंगी।
गुवाहाटी में बनाया गया स्किल डेवलपमेंट सेंटर
पीएम ने कहा कि क्रूज हो, कार्गो शिप हो, ये ट्रांसपोर्ट और टूरिज्म को तो बल देते ही हैं, इनकी सर्विस से जुड़ी पूरी इंडस्ट्री भी नए अवसरों का निर्माण करती है। इसके लिए जो स्टाफ चाहिए, जो स्किल्ड लोग चाहिए, उसके लिए ट्रेनिंग का प्रबंध आवश्यक है। गुवाहाटी में स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाया गया है। जहाजों की मरम्मत के लिए भी गुवाहाटी में एक नई फैसिलिटी का निर्माण किया जा रहा है।