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गंगा के जलस्तर में कमी, दुश्वारियां बरकरार

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वाराणसी। गंगा का जलस्तर अब कम होने लगा है। लेकिन तटवर्ती इलाकों में दुश्वारियों में कोई कमी नहीं आई है। मंगलवार को गंगा लाल निशान से दो सेंटीमीटर नीचे 71.24 मीटर पर बह रही थीं। गंगा के जलस्तर में 2.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटाव शुरू हो चुका है। इस तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है।
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हालांकि बाढ़ का पानी अभी भी घरों में भरा हुआ है। गाद से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मजदूरों से सफाई कराई जा रही है। मारुति नगर के दीपक अग्रवाल, गायत्री नगर के रविंदर सिंह, पटेल नगर के बाल गोविंद मिश्रा व ललितेश श्रीवास्तव ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुसने के बाद मुसीबत का सबब बन गया है। सफाई के बाद भी घरों में रहने लायक स्थिति नहीं है। बिजली सप्लाई भी नहीं हुई है। लोगों को डर सता रहा है कि बाढ़ फिर से वापस न आ जाए। इसके चलते अभी भी लोग राहत शिविरों में रहने को विवश हैं।
शिविरों में राहत नहीं
रवींद्रपुरी स्थित गोपी राधा इंटर कॉलेज में लगे राहत शिविर में राजू ने आरोप लगाया कि शिविर में मंगलवार को खाने में दाल चावल दिया गया। इसके पहले लगातार चार दिन से खराब खाना दिया जा रहा था। इसके कारण उसमें कई को पीलिया हो गई तो कई लोग डिसेंट्री से पीड़ित हैं। शिकायत के बाद आज खाने की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
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फसल चौपट, कटान से परेशानी
वाराणसी। गंगा के पलट प्रवाह की वजह से वरुणा और असि में उफ ान से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति है। तटवर्ती इलाकों में खेत खलिहान पूरी तरह डूब चुके हैं। ढाब क्षेत्रों में ही सबसे अधिक सब्जियों की खेती होती थी, लिहाजा सब्जियों की फ सल चौपट होने से किसानों के सामने कमाई करने का मौका खत्म हो गया है। निचले इलाकों व कालोनियों में नाव से राहत सामग्री भेजी जा रही है। हालांकि पानी कम होने के साथ ही अब तटवर्ती इलाकों में कटान शुरू हो चुका है।
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