काशी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर शनिवार को सुबह-ए-बनारस बेहद खास होगी। एक तरफ गंगा की लहरों पर सूरज की किरणें मचलेंगी और दूसरी तरफ भारतीय परिधानों में चीन और ताइवान के मॉडल विभिन्न आकर्षक मुद्राओं में फोटोशूट कराते नजर आएंगे। इसके लिए चीन और ताइवान के मॉडलों का 18 सदस्यीय दल शुक्रवार को वाराणसी पहुंचा। यहां पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया गया।
मॉडलों की यह टीम फूल सजावट की प्रसिद्ध जापानी विधा ‘ईकेबाना’ के मास्टर लीन की अगुवाई में वाराणसी पहुंची। कैंटोमेंट स्थित रामाडा होटल में टीम का स्वागत महाप्रबंधक संदीप भटनागर के नेतृत्व में भारतीय परंपरानुसार पुष्प वर्षा और रोली-चंदन के टीके से किया गया। शनिवार की सुबह घाट पर मॉडलों का फोटोशूट होगा। इसके लिए पांच नावों को देशी-विदेशी पुष्प से रात में ही सजाने का काम शुरू हो गया था।
भोर में ये नावें अस्सी से दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगी। यहां पर मॉडलों का फोटोशूट होगा। इसके स्थानीय कोऑर्डिनेटर रोनॉल्ड बेंजामिन नॉडर ने बताया कि दुनिया की अग्रणी फ्लावर डेकोरेशन की कंपनी सीएन फ्लावर्स नावों को सजाएगी। इस फोटो शूट की खासियत यह है कि सभी मॉडल बनारसी साड़ी समेत पारंपरिक भारतीय परिधानों में होंगी। बैक ड्राप पर काशी के सुरम्य घाट होंगे। काशी में गंगा तट पर फोटो शूट के बाद यह दल जयपुर रवाना होगा।