विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की आरती में विशेष पूजा की जाएगी। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने बताया कि सुबह मां गंगा का पूजन होगा, जबकि शाम को 51 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया जाएगा। बनारस घराने के प्रख्यात कथक कलाकार पं. माता प्रसाद मिश्र और उनके पुत्र रुद्रशंकर मिश्र कथक प्रस्तुति देंगे। यहां 11 अर्चक आरती करेंगे और 22 युवतियां रिद्धि-सिद्धि के रूप में शामिल होंगी।
उन्होंने बताया कि पूजन और आरती में प्रदेश के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक नीलकंठ तिवारी, ब्रिगेडियर जयदीप चंदा आदि शामिल होंगे। बृजेश पाठक के भी शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, दशाश्वमेध घाट के समीप शीतला मंदिर के पास गंगोत्री सेवा समिति की ओर से सुबह पूजन होगा। समिति के दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि शाम छह बजे से 501 लीटर दूध से मां गंगा का अभिषेक और पूजन होगा। यहां 11 अर्चक और 22 रिद्धि-सिद्धि के साथ विराट गंगा आरती होगी। भजन गायक सुशील बावेजा भजन प्रस्तुत करेंगे।
अस्सी घाट पर सुबह और शाम गंगा आरती होगी। जय मां गंगा सेवा समिति एवं ब्रह्मराष्ट्र एकम् की ओर से मां गंगा को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। यहां सात अर्चक और 14 रिद्धि-सिद्धि आरती करेंगे। ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास के अध्यक्ष तथा श्रीकुल पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सचिन्द्रनाथ महाराज ने बताया कि 56 परिवारों द्वारा मां गंगा को 56 प्रकार के भोग लगाए जाएंगे।
12 राज्यों से आई 5100 साड़ियों से मां गंगा को विशेष चुनरी अर्पित की जाएगी। 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक होगा। 15 स्कूलों के विद्यार्थी और कलाकार मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण आदि की प्रस्तुति देंगे। रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। सुबह सात से 12 बजे तक पूजन-अर्चन तथा शाम पांच बजे से गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम केवल उत्सव नहीं, बल्कि “आस्था का महासंगम” है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन से प्राप्त सहयोग राशि गंगा सेवा, धर्म कार्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में समर्पित की जाएगी। इसके अलावा तुलसी घाट, पंचगंगा घाट, भैंसासुर घाट, ललिता घाट समेत अन्य घाटों पर भी विशेष पूजन-अर्चन और आरती होगी।