पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक नीलकंठ तिवारी ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में बांधने वाली जीवन शैली है। काशी सदियों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रही है, जहां की परंपराएं पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी लोगों को अपनी जड़ों, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए। काशी की पहचान उसके घाट, मंदिरों, धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक वातावरण से है।
विधायक ने युवाओं से भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी यदि अपनी परंपराओं से जुड़ी रहेगी तो भारतीय संस्कृति आने वाले समय में भी सुरक्षित और जीवंत बनी रहेगी। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता और भारतीय संस्कृति की आत्मा है।