गंगा की बाढ़ रविवार को शहर की सड़कों, कॉलोनियों की गलियों से नीचे उतर गई। देर शाम जलस्तर खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर आ गया। इससे 10 दिन से बाढ़ से घिरे तटवर्ती इलाके के करीब पांच लाख से अधिक लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन बजबजाते कीचड़, सड़ते कचरे की दुर्गंध ने नाक में दम कर दिया है। उधर, दोपहर बाद काशीपुरम कॉलोनी में एक महिला को सांप ने डस लिया।
अस्पताल में उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है। पानी खिसकने के साथ ही जिंदगियां घरों की ओर लौटने लगी हैं। केंद्रीय जल आयोग ने शाम सात बजे गंगा का जलस्तर 70.90 मीटर रिकॉर्ड किया। यह जलस्तर खतरा के निशान से 36 सेमी नीचे है। रविवार की शाम प्राचीन दशाश्वमेध (शीतला घाट) की सड़क से भी पानी उतर गया। गंगोत्री सेवा समिति के पदाधिकारियों ने सड़क पर फैले कीचड़ और कचरे की सफाई कराई, ताकि गंगा आरती में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न होने पाए।
31 अगस्त तक बंद रहेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल
वाराणसी। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बाढ़ प्रभावित इलाके के स्कूलों को 31 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने ने बताया कि ऐसे स्कूल जो बाढ़ के पानी से घिरे हैं या फिर वहां राहत शिविर बनाया गया हैं, वह बंद रहेंगे। एक आदेश कक्षा एक से 12 तक के सभी बोर्ड के विद्यालयों पर लागू होगा। बाढ़ क्षेत्रों से दूर स्थित स्कूल खुले रहेंगे।