विदेशी मेहमानों का 11 जून की शाम से वाराणसी आने का क्रम शुरू होगा। इनके स्वागत की भव्य तैयारियां की गई हैं। एयरपोर्ट से लेकर नदेसर स्थित होटल तक जगह जगह काशी की परंपरा के अनुसार अगवानी की जाएगी। 12 जून को हस्तकला संकुल में बैठक में काशी के विकास मॉडल को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें नौ साल में काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए यहां किए गए विकास कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। जी-20 देशों के विकास मंत्री अपने पुरातन शहरों में इस मॉडल की उपयोगिता पर मंथन करेंगे। साथ ही वे अपने देशों में भविष्य के विकास की तकनीक का आदान प्रदान भी करेंगे।
विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर शनिवार की शाम वाराणसी पहुंचेंगे। वह रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे से काशी विद्यापीठ स्थित गांधी अध्ययन सभागार में भारतीय विदेश नीति के उद्देश्य और विशेषताएं विषयक संगोष्ठी को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम संयोजक भाजपा विदेश संपर्क विभाग के प्रदेश संयोजक डॉ. मनोज कुमार शाह ने बताया कि विदेश मंत्री की अगवानी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, विदेश संपर्क विभाग के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. विजय चौथाईवाले, प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं और नगर के प्रबुद्धजनों को भारत की विदेश नीति से अवगत कराना है।