डेलीगेट्स ने काशी से सारनाथ तक की खूबसूरती को शिद्दत से निहारा
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थैंक्स पीएम मोदी एंड थैंक्स बनारस। दो दिनी बैठक के बाद जी-20 देशों के फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी) के प्रतिनिधि गुरुवार को इन्हीं शब्दों के साथ यहां से विदा हुए। दुनिया से न्यारी काशी का आकर्षण उनके मन-मिजाज पर छाया नजर आया।
बाबतपुर एयरपोर्ट से अलग-अलग फ्लाइट से ये डेलीगेट्स नई दिल्ली रवाना हुए। तब तक उनकी जुबां सिर्फ काशी और मोदी की ही चर्चा थी। साथ ही, यहां के बारे में अधिक से अधिक जानने-समझने की उत्सुकता भी। अधिकतर प्रतिनिधियों ने यहां बिताए पलों को अपने लिए यादगार बताया।
पिछले सोमवार की शाम जी-20 देशों का यह 75 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल यहां आया था। विश्व की मौजूदा आर्थिक चुनौतियाें और समावेशी विकास पर दो दिन तक चली बैठक के बाद गुरुवार को डेलीगेट्स ने फुर्सत के पलों में काशी से सारनाथ तक की खूबसूरती को शिद्दत से निहारा।
वे यहां स्वागत-सत्कार से अभिभूत नजर आए। गाडगा के अध्यक्ष डॉ. शैलेश त्रिपाठी डेलीगेट्स के साथ थे। कदम-कदम पर डेलीगेट्स अपनी जिज्ञासाएं जाहिर कर रहे थे। खासकर प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते यहां के बारे में जानने की उनकी उत्सुकता ज्यादा थी।
खासकर शहर की बसावट, गंगा घाटों, सारनाथ के पुरातात्विक स्थलों और यहां के विकास के लिए पीएम मोदी की नीतियों के बारे में वे जानना चाहते थे। डॉ. त्रिपाठी ने उन्हें दुनिया में न्यारी काशी के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्व और विशेषताओं के बारे में बताया।
सारनाथ से लौटने के बाद सभी प्रतिनिधि बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से उन्होंने नई दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी।