जी-20 देशों के फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी) के प्रतिनिधियों ने दो दिन काशी में गहन मंथन कर वैश्विक स्तर पर समावेशी स्थायी विकास के लिए 2030 के आर्थिक एजेंडे का खाका खींच लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बुधवार को खत्म हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बहुस्तरीय संरचना को मजबूत करने के प्रयासों को बढ़ाने का आह्वान भी किया गया। विश्व के बड़े आर्थिक समूह के इस बड़े आर्थिक चिंतन से बड़े नतीजे भी सामने आने की उम्मीद है।
बैठक में वित्त सचिव (आर्थिक मामले) शक्तिकांत दास ने भारत का पक्ष रखा। होटल द गेटवे गंगेज में जी-20 देशों के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों, केंद्रीय बैंकों के बड़े अफसरों ने दुनिया के समक्ष उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों से निबटने के तरीकों पर मंथन किया।
वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय विवादों की रोकथाम और शांति स्थापना के मसौदे पर भी बैठक के सुझावों में रखे गए है। वैश्वीकरण के दौर को मिल-जुलकर एकजुटता से आगे बढ़ाने और इसके समाधान पर सबका जोर था।
अमेरिका और चीन जिस तरह अपने हितों को महत्व देने के साथ ही विकसित और विकासशील देशों पर अपने शर्तों और मुद्दों को थोपते रहे हैं, इस लिहाज से भी वैश्वीकरण के दौर को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया।
भारत और चीन में गरीबी के खिलाफ सफलता पर ध्यान दिलाया गया
G-20 meeting in varanasi
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय मुक्त व्यापार का समर्थन करने का भी आह्वान किया गया। वैश्वीकरण के फायदे गिनाते हुए पर चीन तथा भारत में गरीबी के खिलाफ संघर्ष में कामयाबी की ओर जी-20 देशों का ध्यान दिलाया गया।
वैश्विक स्तर पर आर्थिक चुनौतियों से निबटने का प्रारूप पेश करते हुए एफडब्ल्यूजी ने अंतरराष्ट्रीय कर चोरी, भ्रष्टाचार उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन और पलायन के अहम मुद्दों पर मंथन के साथ वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों का खाका खींचा।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संगठन, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के पदाधिकारियों, विशेषज्ञों ने मिलकर वैश्विक आर्थिक ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए प्रारूप तैयार किया।
जी-20 समूह के देशों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय और दृढ़ सहयोग की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि मौजूदा चुनौतियां वैश्विक हैं और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।