वाराणसी। गंगा में मोटरबोट हादसा के दूसरे दिन रविवार को अधिकतर घाटों पर नाविकों की लापरवाहियां तैरती दिखीं। राजघाट से लेकर अस्सी घाट के बीच अधिकतर घाटों पर बगैर लाइफ जैकेट के पर्यटक नौकायन करते रहे। जल पुलिस के सामने और आसपास घाटों पर सतर्कता दिखी लेकिन अन्य घाटों पर नाविकों की मनमानी जारी रही। अधिकतर मोटरबोट संचालकों के पास मानक के अनुरूप लाइफ जैकेट भी नहीं थे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के बाद घरेलू पर्यटकों की आवाजाही काशी में काफी बढ़ी है। नमो घाट की आकर्षक साज सज्जा भी पर्यटकों को काफी भा रही है। ऐसे में पर्यटक खिड़किया राजघाट से लेकर दशाश्वमेध और अस्सी घाट तक भ्रमण करते हैं। दक्षिण भारतीय पर्यटकों की सबसे अधिक संख्या है, वह समूह में आते हैं तो मोटरबोट पर भ्रमण भी करते हैं। पैसे की लालच में 24 यात्रियों के क्षमता वाले मोटरबोट पर 35 से 40 यात्रियों को बैठाया जाता है। बिना सुरक्षा संसाधनों के मोटरबोट पर क्षमता से अधिक यात्रियों को नौका विहार करा रहे हैं। कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन की चेतावनी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। बाहर से आए पर्यटकों की मांग पर नाविक लाइफ जैकेट मुहैया कराते हैं। जबकि स्थानीय पर्यटकों को बिना लाइफ जैकेट के भ्रमण कराते हैं। कुछ नौका संचालक अपने मोटरबोट में लाइफ जैकेट तक नहीं रखते।
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गंगा आरती के दौरान अधिक अराजकता
काशी भ्रमण पर आने वाले हर पर्यटकों की इच्छा गंगा में नौकायन की होती है। खास कर गंगा आरती के समय नाव पर सवार होकर इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनना हर कोई चाहता है। यही वह घड़ी होती है कि नाविक मनमाना किराया वसूलने के साथ ही क्षमता से अधिक सवारी बैठा लेते हैं। अराजकता का माहौल रहता है।
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दृश्य-एक
राजेंद्र प्रसाद घाट पर बीच धारा में मोटरबोट पर 30 से अधिक पर्यटकों को बैठाकर नाविक आगे बढ़ा। इसमें चार से पांच ही पर्यटक लाइफ जैकेट पहने हुए दिखे। अन्य पर्यटक बगैर लाइफ जैकेट के रहे। नाव में रस्सी, ट्यूब और अन्य उपकरण मौजूद नहीं थे।
दृश्य-दो
दशाश्वमेध घाट पर दक्षिण भारत से आए तीर्थ यात्रियों को लेकर नाविक मणिकर्णिका की ओर गया। इसमें अधिकतर पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के सवार हुए। कुछ पर्यटकों ने मांगा तो नाविक ने छह से सात यात्रियों को लाइफ जैकेट थमाया। अन्य यात्रियों ने मांग की तो उन्हें लाइफ जैकेट नहीं होने का हवाला दिया गया।
दृश्य-तीन
चेतसिंह किला घाट पर तो नौका संचालक ने हद दर्जे की लापरवाही बरती। ओवरलोड नाव का संचालन होता रहा। वहीं, स्थानीय पुलिस और जल पुलिस ने भी इस पर गौर नहीं किया।
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नाविक के मोटरबोट का लाइसेंस निरस्त, परिजनों संग फरार
नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने बताया कि तीर्थ यात्रियों की जान खतरे में डालने वाले नाविक अमित साहनी के मोटरबोट का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। उधर, दशाश्वमेध थाने की पुलिस ने उसके केदार घाट स्थित मकान पर दबिश दी। मौके पर परिजनों संग अमित फरार है।
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सभी नाविकों को यह कहा गया है कि वह अपने नाव में क्षमता से अधिक पर्यटकों को न बैठाएं। लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरण साथ में रखें। कुछ अराजक तत्व घाटों पर माहौल को खराब करते हैं। -शंभू साहनी, अध्यक्ष, दशाश्वमेध नाविक समिति
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नौका संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि बिना लाइफ जैकेट के किसी यात्री को न बैठाएं। सभी बचाव उपकरण नाव में होने चाहिए। ओवरलोड नाव का संचालन पाए जाने पर संबंधित नाविक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। नगर निगम से लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र भी भेजा जाएगा।- अवधेश कुमार पांडेय, एसीपी दशाश्वमेध