कोरोना काल की भी फिक्र नहीं की
कंदवा निवासी सनी वर्मा व बीएलडब्ल्यू निवासी प्रशांत की दोस्ती ग्यारहवीं में हुई थी। 2021 में जब कोरोना अपने चरम पर था उस समय प्रशांत की तबीयत खराब हो गई। सनी ने एक सेकेंड के लिए भी जान की परवाह नहीं की। माता-पिता के मना करने के बावजूद दोस्त के घर मदद करने पहुंच गया।
कोरोना के कारण अस्पताल में चिकित्सक उसे देखने को तैयार नहीं थे। किसी तरह उसका इलाज शुरू हुआ तो पता चला कि प्रशांत को डेंगू है और उसकी स्थिति काफी गंभीर है। लगातार दवाइयों और सेवा की बदौलत सनी अपने दोस्त को मौत के मुंह से बाहर लेकर आए। इस बुरे वक्त में दोनों दोस्तों को दोस्ती के असली मायने समझ आए।