प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद कार्यक्रम का रविवार को 1966वां दिवस पूरा हुआ। युवा कवि शिवांश विश्वकर्मा ने प्रेमचंद की कहानी उन्माद का पाठ किया। ट्रस्ट के संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद, राम सुधार सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, फादर आनंद और निदेशक राजीव गोंड आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की। कहानी की समीक्षा करते हुए प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि उन्माद भारतीय संस्कारों की श्रेष्ठता, प्रेम, क्षमा और परिवार के महत्व को स्थापित करती है। डाॅ. राम सुधार सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, फादर आनंद, नमन श्रीवास्तव, अतुल यादव आदि माैजूद रहे। संचालन आयुषी दूबे ने किया। शिवांश विश्वकर्मा को सम्मानित किया गया।