लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार की सुबह फ्रांस का एक दल देहरादून जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था दल में शामिल एक युवती चक्कर खाकर अचानक जमीन पर गिर पड़ी। युवती के जमीन पर गिरते ही वहां अफरा तफरी मच गयी। फ्रांसीसी पर्यटक के मित्र हेल्प-हेल्प की आवाज लगाकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे। एयरपोर्ट पर उस समय डॉक्टर और मेडिकल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण एयरपोर्ट कर्मचारियों ने एम्बुलेंस बुलाने के लिए फोन लगाने लगे।
युवती को जमीन पर गिरकर तड़पते देख अपने रिश्तेदार को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे डॉक्टर राहुल सिंह जिला क्षय रोग अधिकारी ने युवती के पास पहुंचकर उसका स्वास्थ परीक्षण किया। तो पता चला की युवती का बीपी और पल्स तेजी से डाउन हो रहा था साथ ही उसका शुगर भी डाउन है। करीब आधे घण्टे तक युवती का मसाज किया व अपने से पास रखीं कुछ दवाइयां व चॉकलेट खिलाई। उसके बाद युवती पूरी तरह से स्वस्थ होकर डॉक्टर का धन्यवाद कर देहरादून जाने के लिए निकल गई।
डॉक्टर राहुल सिंह ने बताया है कि यदि इलाज में 20 मिनट और लेट हुआ होता तो युवती का हार्ट अटैक व ब्रेन हैमरेज से मौत भी हो सकती थी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यहां कोई चिकित्सक व मेडिकल संसाधन नहीं है। यह एक गंभीर विषय है। बताते चलें कि एयरपोर्ट टर्मिनल के भीतर एक एमआई (मेडिकल इमरजेंसी) रूम है, जो हेरिटेज हॉस्पिटल द्वारा संचालित है, जिसमें एक डॉक्टर और एक कम्पाउंडर की तैनाती है, पिछले एक वर्ष से कोई डॉक्टर नहीं था कुछ दिन पूर्व एक डॉक्टर की तैनाती हुई है लेकिन वो भी सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे तक ही एयरपोर्ट पर रहते हैं जबकि विमानों का संचालन सुबह 08 बजे से रात्रि 09 बजे तक है और आने वाले दिनों में 24 घण्टे विमानों का संचालन होगा ऐसे में एयरपोर्ट की स्वास्थ्य सेवा भगवान भरोसे है।