Varanasi News: वाराणसी के अस्पतालों में फ्रीजर रूम के बाहर शवों को रखा गया है। इसमें हल्की-हल्की दुर्गंध भी आ रही है। वहां से गुजरने वाले लोगों को सिर चकरा जा रहा है। दुर्गंध के कारण उस रास्ते पर लोग जाने से कतरा रहे हैं।
वाराणसी में भीषण गर्मी और तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है। इसक कारण अस्पतालों में मरीज भी बढ़ रहे हैं, वहीं, मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले सप्ताह लगातार तीन दिन में हुई मौतों के बाद जिला, मंडलीय सहित अन्य अस्पतालों की मोर्चरी भी शवों से भर गई है।
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इसमें मंडलीय अस्पताल में चार फ्रीजर हैं, जिसमें सभी में शव रखे गए हैं। बुधवार की रात तक यहां 13 शव रखे गए थे, जिनमें से छह को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया गया।
इसके अलावा गुरुवार की सुबह फ्रीजर के बाहर भी तीन शव रखे गए थे, जिस कारण दुर्गंध उठी, इससे मरीज परेशान रहे। एसआईसी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि जिन भी मरीजों की मौत हो रही है उनके शवों को मोर्चरी में रखवाया जा रहा है। पुलिस की मदद से पोस्टमार्टम के लिए भी भिजवाया जा रहा है। मोर्चरी हाउस की साफ-सफाई भी लगातार कराई जा रही है।
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दीनदयाल असप्ताल में भी दो फ्रीजर हैं। यहां भी शवों को बाहर रखना पड़ रहा है। अस्पताल के सीएमएस दिग्विजय सिंह ने कहा कि मोर्चरी से शवों को शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया जा रहा है।