वाराणसी। मकान दिलाने के नाम पर 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोपी प्रॉपर्टी डीलर गौरव गुप्ता समेत चार के खिलाफ कैंट थाने में एक और प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही रणजीत कुमार को आरोपी ने जमीन दिखाने और दिलाने के नाम पर 16 लाख रुपये लिए। न तो जमीन मिली न ही आरोपी ने पैसे लौटाए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित सिपाही के अनुसार, 2022 में उसकी पहचान अशोक विहार कॉलोनी, पहड़िया निवासी गौरव गुप्ता से हुई थी। गौरव ने खुद को प्रॉपर्टी कारोबारी बताते हुए फुलवरिया क्षेत्र में एक जमीन अपनी बताकर दिखाई। विश्वास में लेकर उसने सिपाही से 3.50 लाख रुपये अपने खाते में मंगवाए, लेकिन जमीन का सौदा नहीं हो सका। बाद में यह रकम वापस कर दी गई। फरवरी 2025 में गौरव गुप्ता ने दोबारा संपर्क किया और भोजूबीर-लोका, परगना अठगवां, तहसील सदर में अपनी मां कस्तूरी देवी के नाम दर्ज जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा। जमीन पसंद आने पर 16 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पीड़ित ने फोनपे और बैंक खातों के जरिए अलग-अलग किस्तों में करीब 15.95 लाख रुपये गौरव गुप्ता और उसके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित का कहना है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा उसने बैंक से ऋण लेकर दिया था। आरोप है कि जब वह बैनामा कराने के लिए खजुरी कार्यालय और बाद में सारंग तालाब में विक्रांत फाइनेंस सर्विस पहुंचा तो वहां मौजूद कस्तूरी देवी, गौरव गुप्ता, दीपक गुप्ता और एक अन्य महिला ने कथित तौर पर कहा कि इसी जमीन के नाम पर कई लोगों से रुपये लिए जा चुके हैं। आरोपियों ने न तो जमीन देने और न ही रुपये लौटाने की बात कही। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी पर कोतवाली, कैंट, लालपुर पांडेयपुर समेत अन्य थानों में प्राथमिकी दर्ज है।