फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलिया में 1.87 लाख बीमाधारकों के साथ बड़ा फ्रॉड, खुलासा होने के बाद मचा है हड़कंप

Tue, 13 Nov 2018 11:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
विज्ञापन
demo pic
विज्ञापन
गरीब व कम आय वर्ग के लोगों के लिए चल रही सूक्ष्म बीमा योजनाओं के नाम पर एनजीओ जीएसएसए (ग्रामीण समाज सेवा एसोसिएशन) द्वारा एक लाख 87 हजार बीमाधारकों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रकरण के खुलासे के बाद से एनजीओ संचालक फरार हैं।
विज्ञापन


गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट में पूर्व जमानत के लिए याचिका दाखिल की जिसे खारिज कर कोर्ट ने पॉलिसीधारकों को भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। बलिया में नवंबर 2008 में पंजीकृत ग्रामीण समाज सेवा एसोसिएशन नाम के एक एनजीओ ने मालगोदाम रोड पर कार्यालय खोला। यह संस्था बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण में पंजीकृत है और इसने सूक्ष्म बीमा कार्यालय मंडल गोरखपुर से जुड़ कर कार्य शुरू किया।

संस्था ने एजेंटों के माध्यम से एलआईसी के सूक्ष्म बीमा की पॉलिसी जीवन मधुर, जीवन दीप, जीवन मंगल के नाम से 100, 200, 500 की मासिक किस्त तथा फिक्स डिपॉजिट के रूप में पांच वर्ष के लिए धन जीएसएसए में जमा करवाया। किंतु पहली किस्त को छोड़ कर संस्था ने कोई किस्त गोरखपुर स्थित सूक्ष्म बीमा कार्यालय में जमा नहीं की।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनजीओ संचालक पर मुकदमा

UP Police
बीमा की अवधि पूर्ण होने पर जीएसएसए के एमडी महावीर सिंह के हस्ताक्षर से सैकड़ों बीमाधारकों को बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक दिए गए, लेकिन सारे चेक बाउंस हो गए। मामले में एजेंट अमरनाथ पांडेय ने सुखपुरा कोतवाली में 28 सितंबर को बीमाधारकों के धन के गबन का केस एनजीओ संचालक इंद्रावती देवी, महावीर सिंह व पंकज सिंह के खिलाफ दर्ज कराया।

इस संबंध में बीके श्रीवास्तव उप प्रबंधक, माइक्रो एलआईसी गोरखपुर मंडल का कहना है कि जांच में पाया गया कि वर्ष 2008-2009 से  20012-13 तक पांच साल के लिए कुल एक लाख 87 हजार लोगों का बीमा ग्रामीण समाज सेवा एसोसिएशन द्वारा कराया गया था।

जिसकी मैच्योरिटी वर्ष 2017-18 है, लेकिन इन पॉलिसियों की सिर्फ एक किस्त एलआईसी के कोष में जमा है। बाकी चार साल 11 महीने की किस्त जमा ही नहीं की गई। इसकी रिपोर्ट सुखपुरा थाने को सौंप दी गई है। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें