गरीब व कम आय वर्ग के लोगों के लिए चल रही सूक्ष्म बीमा योजनाओं के नाम पर एनजीओ जीएसएसए (ग्रामीण समाज सेवा एसोसिएशन) द्वारा एक लाख 87 हजार बीमाधारकों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रकरण के खुलासे के बाद से एनजीओ संचालक फरार हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट में पूर्व जमानत के लिए याचिका दाखिल की जिसे खारिज कर कोर्ट ने पॉलिसीधारकों को भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है। बलिया में नवंबर 2008 में पंजीकृत ग्रामीण समाज सेवा एसोसिएशन नाम के एक एनजीओ ने मालगोदाम रोड पर कार्यालय खोला। यह संस्था बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण में पंजीकृत है और इसने सूक्ष्म बीमा कार्यालय मंडल गोरखपुर से जुड़ कर कार्य शुरू किया।
संस्था ने एजेंटों के माध्यम से एलआईसी के सूक्ष्म बीमा की पॉलिसी जीवन मधुर, जीवन दीप, जीवन मंगल के नाम से 100, 200, 500 की मासिक किस्त तथा फिक्स डिपॉजिट के रूप में पांच वर्ष के लिए धन जीएसएसए में जमा करवाया। किंतु पहली किस्त को छोड़ कर संस्था ने कोई किस्त गोरखपुर स्थित सूक्ष्म बीमा कार्यालय में जमा नहीं की।