मऊ। फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान स्कूल के नाम से जारी मुआवजे की रकम को गोलमाल करने के तीसरे आरोपी चंद्रजीत को ईओडब्लू की टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। चंद्रजीत पर बैंक में स्कूल के नाम से खोले जा रहे फर्जी खाते को तस्दीक करने का आरोप है।
फोरलेन सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई जमीनों में अमिला के हेमई गांव स्थित ब्रम्ह बाबा जूनियर हाईस्कूल की जमीन भी शामिल थी। जमीन अधिग्रहण के एवज में स्कूल के प्रबंधक के नाम से एक करोड़ एक लाख 37 हजार सात सौ बारह रुपये जारी हुुआ था। प्रबंधक को इसकी जानकारी नहीं हुई। बीच में आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाने के जमीन फरेंदा गांव निवासी बबलू मौर्य ने स्कूल का प्रबंधक बनकर मऊ मुख्यालय स्थित कारपोरेशन बैंक में फर्जी आधार कार्ड और आईडी के आधार पर 2017 में खाता खोल लिया। इस खाते में आई मुआवजे की रकम एक करोड़ एक लाख 37 हजार सात सौ बारह रुपये भी निकाल लिया। जब वास्तविक प्रबंधक को इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने डीएम से लेकर बैंक तक शिकायत की। इस बात की जानकारी होने पर प्रबंधक ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। जांच के बाद घोसी कोतवाली पुलिस ने 12 जुलाई 2018 को मुख्य आरोपी बबलू मौर्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में मामले की जांच ईओडब्ल्यू वाराणसी को सौंप दिया गया। ईओडब्ल्यू की टीम ने जांच में पाया कि फर्जी प्रबंधक बबलू मौर्य के कागजात को अमिला के हेमई गांव के तत्कालीन लेखपाल मु.फरीद ने सत्यापित किया था। इस आधार पर टीम ने आरोपी लेखपाल को शनिवार की देर शाम गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद जांच टीम ने पता लगाया कि स्कूल प्रबंधक के नाम पर बैंक में फर्जी खाता कैसे खुला। कागजों की जांच में सामने आया कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के बनौरा गांव निवासी चंद्रजीत चौहान ने प्रबंधक के फर्जी खाते को तस्दीक किया था। इसके एवज में फर्जी प्रबंधक ने उसे कुछ रुपये दिए थे। इस आधार पर मंगलवार को ईओडब्लू ने चंद्रजीत चौहान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्लू के निरीक्षक सुनील वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार चंद्रजीत चौहान को भी गोरखपुर स्थित कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी को लेकर टीम गोरखपुर के लिए रवाना हो गई।
---