बलिया जिले के ग्राम पंचायत गोविंदपुर के चरजपुरा गांव निवासी अरुण कुमार पांडेय के घर विवाह का आयोजन था। दरवाजे पर खड़ी एक कार में अरुण पांडेय की पुत्री कंचन का चार वर्षीय पुत्र आरुष घुस गया। दरवाजा बंद होने से लॉक हो गया।
बलिया जिले के ग्राम पंचायत गोविंदपुर के चरजपुरा गांव में कार में बंद होने पर दम घुटने से चार वर्षीय बालक की हालत बिगड़ गई। उसकी इलाज के दौरान रविवार भोर में लखनऊ के अस्पताल में मौत हो गई। चरजपुरा गांव निवासी अरुण कुमार पांडेय के घर विवाह का आयोजन था। शनिवार को सभी लोग शादी के बाद विदाई में व्यस्त थे।
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उसी समय दरवाजे पर खड़ी एक कार में अरुण पांडेय की पुत्री कंचन का चार वर्षीय पुत्र आरुष घुस गया। दरवाजा बंद होने से लॉक हो गया। कुछ देर बाद परिजन बच्चे को ढूंढने लगे। काफी देर तलाशने के बाद नहीं मिला तो एक महिला ने बताया कि बच्चा कार के पास कुछ देर पहले देखा गया था।
आशंका पर परिजनों ने कार खोलकर देखा तो बच्चा बेहोशी की हालत में कार में पड़ा मिला। परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए, वहां से जिला अस्पताल फिर मऊ और अंत में लखनऊ ले गए। वहां एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। रविवार की भोर में उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।