बताया जा रहा है कि मालगाड़ी में 59 डिब्बे जुड़े हुए थे। चालक ने इमरेंजेसी ब्रेक लगाकर घटना को बड़ा होने से बचा लिया, अन्यथा सभी डिब्बे डिरेल हो सकते थे। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि कोल खदानों से कोयला परिवहन के लिए परियोजनाओं द्वारा निजी रेल लाइन बिछाकर कोयला परिवहन का कार्य किया जाता है। रेलवे परिवहन के कार्यों का संचालन करता है।
इस संबंध में अनपरा तापीय परियोजना के सीजीएम हीरामन प्रसाद सिंह ने बताया कि घटना में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। जो इंजन व मालगाड़ी के डिब्बे डिरेल हुए थे उन्हें फिर से पटरी पर लाया गया। घटना किस कारण से हुई, इसकी इसकी जांच की जा रही है।