1996 में चिकित्सा विज्ञान संकाय का आया नाम
प्रो. सतीश राय का कहना है कि विश्वविद्यालय में वर्ष 1990 व 2000 के दशक में और ज्यादा संकाय एवं विभाग खुले। 1986 में शिक्षा, वाणिज्य एवं प्रबंध शास्त्र, ललित कला, पत्रकारिता, शारीरिक शिक्षा आदि सहित आठ नये विभागों की स्थापना प्रो. दूधनाथ चतुर्वेदी के कुलपति काल में हुई।
छात्रों ने नाम के आगे लिखना शुरू कर दिया शास्त्री
काशी विद्यापीठ के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सतीश राय का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा के रचनात्मक आंदोलन के तहत स्थापित यह संस्था भारतीय स्वतंत्रता के राष्ट्रीय आंदोलन की नर्सरी और भारतीय समाजवाद एवं समाजवादी आंदोलन की कार्यशाला रही है।
विश्वविद्यालय में शुरुआती शिक्षा शास्त्री की उपाधि के साथ दी जाती थी। इस वजह से यहां से पढ़े छात्रों ने शुरुआत में डिग्री हासिल करने के बाद अपने नाम के आगे शास्त्री लिखना शुरू कर दिया। इसमें पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री, पं.कमलापति त्रिपाठी शास्त्री, प्रो. राजाराम शास्त्री, भोला पासवान शास्त्री, अलगू राय शास्त्री का नाम शामिल है।