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बनारस में बोले प्रवीण तोगड़िया, खेत में किसान, सीमा पर जवान, घर में बेटियां नहीं सुरक्षित

Wed, 08 Aug 2018 09:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रवीण तोगड़िया - फोटो : अमर उजाला
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बनारस में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद की ओर से आयोजित अखंड भारत संकल्प दिवस में देश में किसानों की समस्या, आतंकवाद, बेरोजगारी, भूखमरी, महिला सुरक्षा आदि मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। बतौर मुख्य वक्ता परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि देश की हालत इस समय ठीक नहीं है।
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खेत में काम करने वाला किसान, सीमा पर पहरेदारी करने वाला जवान और घर में बेटियां कोई भी सुरक्षित नहीं है लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है। अब समय आ गया है, जब मान, सम्मान के लिए आगे आना होगा।

नरिया स्थित चौधरी शोध संस्थान में आयोजित कार्यक्रम से पहले पत्रकारों से बातचीत में प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि किसान आत्महत्या करने को विवश हैं, सीमा पर गोलीबारी जारी है। सरकार की सफलता तो फिलहाल कहीं नहीं दिखती है।
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इसके बाद कार्यक्रम में कहा कि न राम जन्मभूमि में मंदिर  बना पाए, न देश में गौ हत्या रोक पाए, न कश्मीर से हिंदुओं को वापस घर में बसा पाए। आखिर सरकार क्या कर रही हे, समझ में नहीं आ पा रहा है। यहां कोई अपमानित हैं तो हिंदू है। अब ऐसा नहीं होगा।

तोगड़िया ने कहा कि काशी विश्वनाथ परिसर से कानूनी तरीके से ज्ञानव्यापी मस्जिद दूर हो, श्रृंगार गौरी का दर्शन सभी को हर दिन मिले और काशी खंड मुक्त हो। इन तीन मांगों को लेकर 13 अगस्त को देश भर के शिवालयों में जलाभिषेक कर संकल्प लिया जाएगा।

सरकार को काशी विश्वनाथ परिसर से ज्ञानवापी हटाने के लिए कानून बनाना चाहिए। इसके बाद भी सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो लोकतांत्रिक तरीके से दबाव दिया जाएगा। इस दौरान अखिल भारतीय विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. कामेश्वर उपाध्याय, रामायण पटेल, शैलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। 
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राममंदिर निर्माण पर अध्यादेश लाए सरकार

किसान गोष्ठी में बोलते हुए प्रवीण तोगडिया - फोटो : अमर उजाला
तोगड़िया ने कहा कि राममंदिर निर्माण जल्द से जल्द हो इसके लिए सरकार को अध्यादेश लाना होगा। मानसून सत्र में संसद में कानून भी बनाया जा सकता है। जीएसटी, ट्रिपल तालाक  के लिए कानून बनाया जा सकता है तो तो राम मंदिर का कानून बनाना ही चाहिए।

विजयादशमी के तुरंत बाद राम मंदिर पर कानून बनाने के लिए लखनऊ से अयोध्या कूच किया जाएगा। सोमनाथ में सरदार पटेल की प्रतिमा लगाने के लिए तो कोर्ट की अनुमति नहीं ली गई लेकिन राममंदिर के लिए कोर्ट की बात की जाती है। यदि कोर्ट से ही मंदिर बनवाना था तो कार सेवा करवा के मरवाया क्यों गया लोगों।

84 में दो सीटें आई थी तब नामोनिशा नहीं था। फिर से सत्ता में आने के लिए लोगों को मरवाया या राममंदिर बनवाने के लिए यह समझ से परे हैं। अब पूर्ण बहुमत के बाद भी इस पर काम नहीं कर रही हैं। 
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