आरपीएफ मऊ के एसआई डीके शर्मा ने चार अप्रैल 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि सपा विधायक गोरख पासवान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वाराणसी-गोरखपुर रेल प्रखंड पर बनकरा गांव के पास रेल फाटक बनाने की मांग को लेकर इंटरसिटी एक्सप्रेस को 18 मिनट तक रोक कर रखा था।
इस मामले में अवर न्यायालय ने रेलवे अधिनियम की कई धाराओं में दोषी गोरख पासवान को तीन माह की अधिकतम सजा और साढ़े चार हजार का जुर्माना 8 अगस्त 2022 को लगाया था। अभियुक्त ने इसी के खिलाफ दाखिल अपील में कहा था कि साक्ष्य पर आधारित सजा नहीं सुनाई गई बल्कि भावनात्मक आधार पर सजा सुनाई गई । घटनास्थल पर पहले से भीड़ थी।
इसकी जानकारी होने पर डर्मापुर फेफना निवासी तत्कालीन विधायक अभियुक्त मौके पर पहुंचा। भीड़ को समझा-बुझाकर हटाने का प्रयास भी किया। अपीलीय अदालत ने कहा कि आरोप के विरुद्ध कथित भूमिका को साबित करने का भार अभियुक्त पर था जिसे वह साबित नहीं कर सका। ऐसे में अवर न्यायालय की सजा की पुष्टि की जाती है।