आजमगढ़ में पूर्व सांसद रमाकांत यादव करने तो कुछ अच्छा चले थे लेकिन उनके इस अच्छे कृत्य ने एकबार फिर से विवादों को जन्म दे दिया। अभी कोरोना वायरस में दिए अपने बयानों को लेकर वह चर्चा में तो थे ही अब लॉक डाउन का उल्लंघन कर राशन वितरण करने के मामले में चर्चा में हैं। इस मामले में डीएम ने जहां इन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा है, वहीं देर शाम रमाकांत यादव के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन में केस दर्ज किया गया है।
मंगलवार को रमाकांत यादव जब अपने आवास पर वितरण करा रहे थे, सैकड़ों लोग वहां पहुंच गए। भीड़ से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने की बात कहते हुए उन्होंने हर किसी में राशन का वितरण किया। उनका यह कार्य एक बार फिर से लोगों में चर्चा का केंद्र बन गया है।
लोगों का कहना है कि जब एक जनप्रतिनिधि ही इस तरह से नियमों की अनदेखी करेगा तो जनता का क्या होगा। वहीं पूर्व सांसद रमाकांत यादव का कहना है कि इस महामारी के कारण पूरे देश में लाक डाउन है। जिसके कारण गरीबों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। जिसके लिए मैंने 70 से 80 कुंतल राशन का वितरण किया है। अगर लाक डाउन बढ़ता है तो आगे भी करेंगे।
हम तो लाक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते। हमने लाइन लगवाई थी लेकिन यह जनता है ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं है। जब बंटने लगा तो भीड़ उमड़ पड़ी। पूर्व में दिए बयान पर उन्होंने सफाई दी कहा कि बयान हमने पहले दिया था जनता कर्फ्यू बाद में लगा था। डीएम एनपी सिंह ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन में पूर्व सांसद को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उधर देर शाम एसएसआई श्रीभगवान राम की तहरीर पर सिधारी थाने में रमाकांत यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।