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पूर्व मंत्री वंश नारायण सिंह पटेल का निधन, वाराणसी के निजी अस्पताल में चल रहा था उपचार

Fri, 25 Dec 2020 07:47 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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वंश नारायण सिंह पटेल। - फोटो : फाइल
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यूपी के जौनपुर जनपद के नेवढ़िया क्षेत्र के चकईपुर गांव निवासी और प्रदेश के पूर्व ग्राम विकास, कृषि एवं खाद्य रसद राज्य मंत्री वंश नारायण सिंह पटेल (70) का शुक्रवार की शाम हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे। वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। वर्ष 1997 की भाजपा सरकार में मंत्री रहे वंशनारायण सिंह पटेल के निधन की खबर मिलते ही समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।

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वंश नारायण सिंह पटेल पेशे से अधिवक्ता थे। वर्ष 1996 में बसपा के टिकट पर बरसठी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। विधायक बनने के करीब एक वर्ष बाद ही वह बगावत कर भाजपा में चले गए। कल्याण सिंह के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें ग्राम विकास, कृषि एवं खाद्य रसद राज्य मंत्री बनाया गया। वर्ष 2000 तक वह इसी पद पर रहे। अपनी कद-काठी और हमेशा छाता लेकर चलने के कारण उनकी अलग पहचान थी। लंबे समय से वह राजनीति से दूर थे। जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले वंश नारायण सिंह पटेल पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार की सुबह सीने में तेज दर्द होने की शिकायत पर पुत्र ज्ञान सिंह पटेल ने उन्हें वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पैतृक आवास पर शोक संवेदना जताने वालों का तांता लग गया।

निगोह तहसील के जौनपुर विलय में निभाया था अहम रोल

बरसठी से विधायक रहे वंश नारायण सिंह पटेल ने अपने कार्यकाल में कई उल्लेखनीय कार्य किए। नोनारी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, शेखूपुर में बीएसएनएल का एक्सचेंज, सैजनी पुल, सुरेरी सहित कई पुलों का निर्माण कराया। सड़क, पेयजल के लिए भी खूब कार्य किए। निगोह तहसील का जौनपुर में विलय कराने में इनकी अहम भूमिका रही। संत रविदास नगर जिले के गठन के समय निगोह को तहसील का दर्जा देते हुए उसमें शामिल कर लिया गया था। शुरू से ही जौनपुर की मड़ियाहूं तहसील का हिस्सा रहे निगोह के संत रविदास नगर जिले में जाने से लोगों में असंतोष था। वंश नारायण सिंह पटेल ने इसे फिर से मड़ियाहूं तहसील में विलय कराने में अहम भूमिका निभाई थी।

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