15 दिन में समाधान न होने की स्थिति में मेरे लिए अनशन का विकल्प पुन: खुला हुआ है। बता दें कि महंत और उनकी नेत्रहीन पत्नी २६ जनवरी से अन्न जल त्यागकर रजत प्रतिमाओं की वापसी के लिए अनशन पर बैठे थे। देश भर से उनके समर्थन में श्रद्धालु भी क्रमिक अनशन कर रहे थे। अधिकारियों ने कई बार पूर्व महंत को अनशन समाप्त करने का आग्रह किया लेकिन वह लिखित आश्वासन पर अड़े हुए थे।