वाराणसी। कोडिन युक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री में शुभम जायसवाल को गिरोह का कप्तान बनाने में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के पूर्व अधिकारियों का अहम रोल रहा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार सप्तसागर दवा मंडी के 150 स्टॉकिस्टों पर दबाव बनाकर कफ सिरप की बिलिंग कराई जाती थी। दाम से महज 10 रुपये अधिक स्टॉकिस्टों के पास जाता था और गोदाम में माल पहुंचने से पहले डिपो से माल शुभम के गोदाम तक पहुंच जाता था। कोतवाली थाना प्रभारी दया शंकर सिंह ने बताया कि शुभम समेत 28 आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच की जा रही है।
तीन पार्टनर के बीच शिवपुर के एक अपार्टमेंट में होती थी डील
अब तक की जांच में सामने आया कि शिवपुर स्थित चुंगी के पास एक अपार्टमेंट में शुभम जायसवाल और उसके दो पार्टनर के बीच रुपये के लेनदेन की बैठक होती थी। शिवपुर थाना क्षेत्र के एक हिस्ट्रीशीटर को चार पहिया वाहन भी शुभम ने फाइनेंस कराया और उसके एवज में पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ कारोबारियों से शुभम का हाथ मिलवाया।