पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान।
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बीएचयू में काशी मंथन की ओर से आयोजित संवाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान ने भारतीयता की पहचान बनाए रखने के लिए युवाओं से आह्वान किया है। शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में भारतीय पहचान एक निरंतर यात्रा व खोज विषय पर संवाद में आरिफ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में किसी को पराया नहीं समझा गया। वहीं उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ पारित कानून को महिलाओं के हित में बताया।
उन्होंने कहा कि अच्छे विचार जिनसे भी मिलें, जहां से भी मिलें, उन्हें पूरी सहृदयता के साथ अपनाया गया। हमें सबसे पहले ये समझने का प्रयास करना होगा कि हम अपनी पहचान को कैसे समझना चाहते हैं। अगर देश की संस्कृति समझनी है तो यहां की प्राचीन परंपराओं के बारे में जानना जरूरी है। हमें हीनता बोध को खत्म कर अपनी संस्कृति को समझने का नजरिया विकसित करना होगा।
दूसरे सत्र में पत्रकार अजय सिंह ने तीन तलाक से लेकर भारतीय राजनीति के अलग-अलग दौर की चर्चा की। उन्होंने कहा- अगर कोई कहता है कि वो आपके हालात बदल सकता है तो वह गलत है। अपने हालात सिर्फ आप बदल सकते हैं। शिक्षा वह ताकत है, जिससे आप सब बदल सकते हैं।
अतिथियों का स्वागत काशी मंथन के संयोजक और संयुक्त कुल सचिव मयंक नारायण सिंह और कार्यक्रम की रुपरेखा डॉ धीरेंद्र कुमार राय ने रखी। कार्यक्रम का संचालन चंद्राली मुखर्जी, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुमिल तिवारी ने किया। कार्यक्रम में अदिति सिंह, हर्षित श्याम जायसवाल, विशाल सिंह, पंकज सिंह, राज दुबे, अभय ठाकुर, राहुल सिंह आदि लोग मौजूद रहे।