मेहनत से मिली है सफलता
निधि राज ने बताया कि उनकी मेहनत का परिणाम है जो उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने अब तक राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिता में 14 स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक हासिल किए हैं।
कराटे में करना है सबसे बेहतर
दिव्या पांडेय ने बताया कि कराटे में और भी बेहतर करना है। उन्होंने अभी तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में काता, कुमिते स्पर्धा में 15 स्वर्ण, सात रजत और सात कांस्य पदक हासिल किए हैं।
गौरव की बात है भारत का प्रतिनिधित्व
ज्योति सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका गौरव की बात है। हमारा प्रयास होगा कि हम बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने अभी तक काता, कुमिते स्पर्धा में 17 स्वर्ण, आठ रजत और सात कांस्य पदक जीते हैं।