हर किसी की चाहत... बाबा की पालकी छू लें
- फोटो : अमर उजाला
शिवांजलि में थिरकते रहे भक्त
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हर कोई बस बाबा की पालकी को छूने के प्रयास में एक दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। हर कोई बस एक बार बाबा को गुलाल अर्पित करके पालकी को छूकर भगवान शिव के परिवार के आशीर्वाद पाना चाह रहा था। जिसने पालकी को छू लिया, उसने खुद को धन्य समझा। जो नहीं छू सके, उन्होंने दूर से ही बाबा को प्रणाम किया। पालकी जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे भीड़ का दबाव गलियों में बढ़ता गया। बाबा की पालकी का श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य स्वागत किया गया। चल प्रतिमाओं को गर्भगृह में विराजमान कराने के बाद आरती उतारी गई।
शिवांजलि में थिरकते रहे भक्त
शिवांजलि संगीत समारोह का परंपरागत आयोजन भी हुआ। एएम. हर्ष के संयोजन में संगीत समारोह की शुरुआत महेंद्र प्रसन्ना के शहनाई की मंगलध्वनि से हुई। कीर्तिमानधारी शंखवादक हैदराबाद के श्रीवल्लभ, जयपुर के भजन गायक मोहन स्वामी, रुद्रनाद बैंड के लीड सिंगर अमित त्रिवेदी, आराधना सिंह, सरोज वर्मा, पुनीत ‘पागल बाबा’, संजय दुबे आदि कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुतियां दीं।