- पहली बार शुरू हुई है यह व्यवस्था, वाराणसी इंबार्केशन से भरे गए 45 फॉर्म
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। हज ट्रेनर बनने के लिए पहली बार परीक्षा हुई। इस परीक्षा को पास करने वालों को ही अब हज जायरीन को ट्रेनिंग देने का मौका मिलेगा। इसके लिए प्रदेश भर से आवेदन मांगे गए थे। वाराणसी इंबार्केशन से 45 आवेदन फॉर्म भरे गए। बीते रविवार को इसकी परीक्षा भी हो गई। वहीं, हजयात्रा की दो किस्त जमा हो चुकी है। अंतिम किस्त अगले माह जमा होगी।
पहले जो भी हज जायरीन की खिदमत करता था और प्रदेश हज कमेटी में आवेदन कर देता था, उसे हज ट्रेनर बना दिया जाता था। लेकिन, इस बार हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इसमें बदलाव कर दिया। हज ट्रेनर बनने के लिए परीक्षा कराई। इसके लिए योग्यता इंटर पास रखी है। स्नातक को वरीयता दी गई। रविवार को ऑनलाइन परीक्षा कराई गई है। पूर्वांचल हज सेवा समिति के महासचिव हाजी अदनान खान ने बताया कि बनारस इंबार्केशन के 16 जिलों में करीब 30 ट्रेनर की जरूरत है। 200 जायरीन पर एक ट्रेनर की जरूरत होती है। बनारस में 600 से अधिक जायरीन हैं। यहां तीन ट्रेनर चाहिए। बनारस से पांच लोगों ने परीक्षा दी है। बनारस के अलावा मऊ, आजमगढ़, भदोही व प्रयागराज में दो से तीन ट्रेनर चाहिए। क्योंकि यहां जायरीन की संख्या ज्यादा होती है। परीक्षा का परिणाम अगले महीने घोषित होगा।