इस बार दीपावली पर फायर फाइटर्स और क्यूआरटी आग पर करेंगे काबू
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कटरा मेदिनी प्रतापगढ़ के फायर इंस्पेक्टर लालजी गुप्ता बीते 28 साल से दीपावली पर घर नहीं जा सके हैं। जब से फायर ब्रिगेड में नौकरी पाई है। तब से लेकर अब तक दीपावली पर घर नहीं जा पाते हैं।
उन्होंने बताया कि दो माह बाद वे सेवानिवृत्त हो जाएंगे। बच्चे जब छोटे थे तो हर बार दीपावली पर पूछते थे कि पापा कब आएंगे। दीपावली बीतने के बाद दो दिन की छुट्टी लेकर घर जाते हैं। शुरुआत में तो बच्चे नाराज हुए, लेकिन जब वे बड़े और समझदार हुए तो उन्हें पता चल गया कि मैं आवश्यक सेवा में कार्यरत हूं। इस नाते दूसरे लोग बेहतर ढंग से त्योहार मना सके इसलिए ड्यूटी पर मुस्तैद रहते हैं।
काशी में दीपावली के दौरान किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड ने तैयारी की है। 180 फायर फाइटर्स और क्यूआरटी टीमें संकरी गलियों तथा आग की बड़ी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए तैनात रहेंगी। इस बार क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी बनाई गई है। क्यूआरटी में 12 फायर ऑपरेटर होंगे। इस टीम के पास आग बुझाने के सभी उपकरण होंगे। संकरी गलियों और आग की बड़ी कॉल पर यह टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी।
फायर फाइटर्स की छुट्टियां रद्द
फायर ब्रिगेड के मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि फायर ऑपरेटर्स के साथ दमकल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दीपावली पर 12 जगहों पर आग बुझाने वाली गाड़ियों के साथ ही फायर ब्रिगेड के जवान मौजूद रहेंगे। सभी फायर फाइटर्स की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं। दीपावली पर 12 दमकल की गाड़ियों के साथ पूरी तरह तैयार रहेंगे। इसके साथ ही आग की बड़ी घटनाओं पर नजर रखने के लिए 6 स्थानों पर फायर ब्रिगेड के जवान रहेंगे। पटाखों पर रोक के कारण आग लगने की कम कॉल्स आने की उम्मीद है। फिर भी छोटी दीपावली से लेकर बड़ी दीपावली की रात तक फायर फाइटर्स तैनात रहेंगे।
इन 12 जगहों पर वाटर टैंकर के साथ मुस्तैद रहेंगे फायर फाइटर्स
गोदौलिया, शिवपुर मिनी स्टेडियम, पुलिस लाइन, पांडेयपुर, नाटी इमली, कटिंग मेमोरियल, बेनियाबाग, रामनगर, लंका, चितईपुर, दिनेश सिंह का बाड़ा, बृज इंक्लेव पर पानी से भरे टैंकर और आग बुझाने के सभी उपकरण के साथ फायर ब्रिगेड के फायर फाइटर्स मौजूद रहेंगे।
फायर ब्रिगेड की लोगों से अपील
मोमबत्तियां और दीये जलाएं तो नजर रखें।
दीये और मोमबत्तियां जलाते समय कॉटन के कपड़े पहने।
रंग-बिरंगी लाइट लगाते समय बिजली के सॉकेट का इस्तेमाल करें। अधिकतर लोग लाइट लगाने के दौरान तारों को फांसने के लिए माचिस की तीली लगा देते हैं। जिससे शॉट सर्किट हो सकता है और आग लग सकती है।
जहां दीये ओर मोमबत्तियां जलाएं, वहां पानी का छोटा सा टैंक रखें। ताकि आग लगे तो उसे तुरंत बुझाने में मदद मिले।
बड़ों की मौजूदगी में बच्चे पटाखे जलाएं।
छतों पर कूड़ा करकट एकत्र न होने दें।
दीपावली की रात छत पर कपड़े न फैलाएं।