काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में नए खुलासे से हड़कंप मच गया है। गर्भगृह में दर्शनार्थियों के हाथ से चढ़ावा की रकम चुराते कई पुजारी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए हैं। लेकिन अभी तक सिर्फ एक ही पुजारी की हेराफेरी की जांच कर कार्रवाई की गई है। कहा जा रहा है कि इस मामले में फंस रहे दूसरे पुजारियों को बचाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसकी जानकारी मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण तक पहुंचा दी गई है। उधर, मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार अवस्थी का कहना है कि चढ़ावे की चोरी का सिर्फ एक ही मामला मुख्य कार्यपालक समिति की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने उनके समक्ष पेश किया था। इस तरह के अन्य मामले सामने आएंगे तो संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गर्भगृह में ड्यूटी करने वाले 15 पुजारियों की सीडी तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। एसीएम सेकेंड सुशील कुमार गौड़ की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम ने 31 जुलाई को एक फुटेज में गर्भगृह के पुजारी डॉ. गणपति झा को चढ़ावा की रकम श्रद्धालुओं के हाथ से लेकर पैर के नीचे दबाते और फिर उसे लेकर जेब में रखकर जाते हुए पकड़ा था। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर डॉ. गणपति को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद 15 पुजारियों की गर्भगृह की फुटेज की सीडी तैयार कराए जाने की जानकारी ने तमाम लोगों की नींद उड़ा दी है।
मामले में पुजारियों का एक दल हाल में ही मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण से मिलकर न्याय की गुहार भी लगा चुका है। पुजारियों का कहना है कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। जबकि सीईओ का कहना है कि कमिश्नर के निर्देश पर गठित मुख्यकार्यपालक समिति की टीम की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई की गई है। गर्भगृह में चढ़ावा की चोरी करने वालों को चिह्नित कराया जा रहा है। फुटेज में कैद ऐसे सभी पुजारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।