भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाने वाली जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। लंबे समय से काशी के लोग फ्लाईओवर, पुल और आरओबी के निर्माण में ढिलाई बरतने और तेजी से काम न करने के कारण परेशानी उठा रहे हैं।
अब कहा जा रहा है कि इस काम में जान-बूझकर कर देरी इसलिए की गई, ताकि भ्रष्टाचार किया जा सके। इन तीनों जगहों पर सपा के पांच साल के शासन में भाजपा ने कई बार विरोध किया।
पार्टी नेता निवर्तमान पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल पर अपने लोगों को ठेका दिलाने का आरोप भी लगा चुके हैं। अब भाजपा नेता पूर्व के कामों की जांच कराने का वादा कर रहे हैं।
भाजपा की तत्कालीन विधायक डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव सामने घाट पुल को लेकर एक साल पहले धरने पर बैठी थी। इसी प्रकार चौका घाट फ्लाईओवर विस्तारीकरण और मंडुवाडीह आरओबी को लेकर उत्तरी विधायक रवींद्र जायसवाल सवाल खड़ा कर चुके हैं।
इस बीच तीनों जगहों पर सेतु निगम की ओर से रिवाइज इस्टीमेट भेजा जा चुका है। तीनों जगह काम देरी से शुरू हुए थे। सामने घाट निवासी पारसनाथ कहते हैं कि पुल बीते दस सालों से लटका पड़ा है।
मंडुआडीह के मनोज कुमार गुप्ता को भी लगता है कि भाजपा की सरकार बनने के बाद काम में तेजी आएगी। अब भाजपा की सरकार बनेगी तो भ्रष्टाचार समाप्त होगा।
मंडुवाडीह रेलवे ओवरब्रिज और सामने घाट गंगा पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य की मियाद बीते साल दिसंबर में खत्म हो चुकी है लेकिन काम अभी अधूरा है। इसी प्रकार चौका घाट फ्लाईओवर का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है।
इसकी मियाद मार्च 2018 में खत्म होगी। तीनों जगहों पर निर्माण कार्य की रफ्तार तो सुस्त है ही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी की जा रही है। सर्विस रोड दुरुस्त न होने और सड़क पर निर्माण सामग्री फैली होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
मजदूरों के पास हेलमेट तक नहीं हैं। सर्विस रोड के बड़े-बड़े गड्ढों में वाहनों के गिरने का खतरा बने होने के बावजूद कार्यदायी संस्था आंखें मूंदे हैं।